अगर युवाओं का धैर्य टूट गया तो कोई उनको संभाल नहीं पाएगा
यूपी के किसान नेता धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार के मंत्रियों को साफ बोल दिया गया है कि जितनी भी शहादत चाहते हो, उतनी शहादत देने के लिए तैयार है। हमारा धैर्य लंबे समय तक नहीं बनाकर रख सकते हो, अगर युवाओं का धैर्य टूट गया तो कोई उनको संभाल नहीं सकता है। किसानों को कमर कसनी पड़ेगी और इसमें लंबे समय तक लगना पड़ेगा। किसान ने अपनी ताकत को झोंक दिया है और हर कोई दिल्ली के बॉर्डर पर पड़ा है। अब कानून रद्द कराकर ही वापस जा सकते है।
शहादत से भी पीछे नहीं हटेंगे
हरियाणा के किसान नेता अभिमन्यु कोहाड़ ने कहा कि ट्रेलर देखने के बाद भी सरकार को समझ नहीं आ रहा है और अब सरकार को फिल्म दिखानी पड़ेगी। अगर अब हम लोगों को शहादत भी देनी पड़ी तो उससे भी पीछे नहीं हटेंगे। लेकिन कृषि कानूनों को रद्द कराकर ही रहेंगे। सरकार संशोधन की बात न करे तो बेहतर होगा, क्योंकि उसको कोई भी नेता मानने को तैयार नहीं है।
सरकार का रवैया ठीक नहीं, अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मार रहा है केंद्र
पंजाब के किसान नेता कृपा सिंह ने कहा कि सरकार का रवैया बड़ा गलत है। कानून रद्द करने से इनकार किया जा रहा है और कानून में संशोधन कराने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। सरकार को ऐसा नहीं करना चाहिए, क्योंकि अगर किसान बिगड़ गए तो उनको कोई नहीं संभाल सकेगा। इस तरह का रवैया अपनाकर सरकार खुद अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मार रही है।
आंदोलन बढ़ाने के फैसलों पर अमल होगा
उत्तराखंड के किसान नेता गुरसेवक ने कहा कि अगर यह कानून वापस नहीं होते हैं, तो किसान भी यहां डटे रहेंगे। अगर सरकार अपनी जिद पर अड़ी है तो किसान भी जिद पर अड़े रहेंगे। अब किसानों को बढ़ाया जाएगा और आंदोलन को तेज किया जाएगा। किसान संगठन बैठक में जैसा भी निर्णय लेंगे, अमल किया जाएगा।