बता दें कि पंजाब पुलिस ने कई बार अपनी छवि को सुधारने का अभियान चलाया। हालांकि इन अभियानों का लोगों पर खास असर नहीं हुआ। हाल ही में पुलिस विभाग ने खुद को सोशल मीडिया के जरिए आम लोगों से जोड़ने की योजना पर काम शुरु किया लेकिन विभाग को इसमें अपेक्षित सहयोग नहीं मिला।
अधिकारियों का कहना है कि आम लोग पुलिसवालों के रूखे बर्ताव के कारण थानों में आने से भी डरते हैं। यह पुलिस की छवि के लिए बड़ा झटका है। उन्होंने बताया कि लोगों से खराब बर्ताव करने वाले कर्मचारियों पर नजर रखी जा रही है और ऐसे कर्मियों को न सिर्फ थानों से हटाया जाएगा बल्कि लाइन हाजिर भी किया जाएगा।
डीजीपी दिनकर गुप्ता का कहना है कि पुलिस मुलाजिमों का व्यवहार ऐसा होना चाहिए कि आम लोग उन्हें अपने हितैषी के रूप में महसूस करें और बेझिझक थानों में पहुंचकर अपनी समस्याएं बताएं। उन्होंने कहा कि पुलिस कर्मियों को पीपुल्स फ्रेंडली होना ही पड़ेगा, अन्यथा सख्त कार्रवाई के लिए तैयार रहें।