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गाय से किसान का लगाव: गौमाता के स्वर्गवास के बाद मनाई सत्रहवीं, हवन कर किया गांव में भंडारा

Sun, 11 Feb 2024 03:11 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)

सार

गांव भठगांव के किसान के घर 28 साल तक 'बंदरी' रही गाय। उन्होंने गाय की मौत के बाद सत्रहवीं पर भंडारा किया जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे। परिवार के सदस्यों का इस गाय से बहुत लगाव था।
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गाय की सत्रहवीं पर फोटो पर तिलक करते हुए। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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हरियाणा के सोनीपत जिले के गांव भठगांव निवासी एक किसान ने एक अनोखी मिसाल पेश की है। किसान ने अपनी गाय के स्वर्णवास के बाद उसकी सत्रहवीं मनाई और हवन के साथ भंडारे का आयोजन किया गया। जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। गाय के प्रति किसान परिवार के लगाव की जहां ग्रामीणों ने सराहना की, वहीं किसान के इस कदम ने लोगों को एक सीख भी दी है।

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सोनीपत के गांव भटगांव निवासी किसान सूरजभान ने बताया कि साल 1995 में वह छह माह की एक बछड़ी (गाय की बच्ची) को पांच रुपये में खरीदकर अपने घर लेकर आए थे। परिवार ने प्यार से उसका नाम बंदरी रखा था। परिवार के सभी सदस्यों को बंदरी से बेहद लगाव था। सभी ने गाय को बड़े लाड-प्यार से पाला था। गाय ने 17 बार उनके घर पर बच्चे दिए।
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सूरजभान का कहना है कि उनके बेटे संदीप, ललित व बेटी इसी गाय का दूध पीकर बड़े हुए हैं। गाय के मरणोपरांत किसान के परिवार ने अब बंदरी की आत्मा की शांति के लिए सत्रहवीं का आयोजन किया। जिसमें परिवार ने सभी रस्म निभाई और पूरे गांव को निमंत्रण दिया है। गाय करीब 28 साल तक उनके परिवार के साथ रही। सत्रहवीं में गांव के ग्रामीणों सहित रिश्तेदार भी शामिल हुए।
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कोई गाय बेसहारा ना रहे का दिया संदेश
किसान सूरजभान के इस कदम की भठगांव ही नहीं आसपास के गांवों में भी खूब चर्चा हो रही है। सभी किसान व ग्रामीण सूरजभान के कदम की जमकर सराहना कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि सूरजभान ने अपने इस कदम से सभी को एक संदेश देने का प्रयास है कि सभी बेसहारा गाय माता का सहारा बने, कोई भी गाय बेसहारा न रहे।

परिवार का एक सदस्य हो गया कम
किसान सूरजभान का कहना है कि 28 साल तक साथ रही बंदरी उनके परिवार का हिस्सा बन गई थी। उनके मरणोपरांत उनकी कमी का अहसास हो रहा है। देश में गाय को माता का दर्जा दिया गया है। सभी लोग इसी तरह गाय की सेवा करें तो कोई भी गोवंश बेसहारा ना रहे। गाय हमारी माता है और उसकी सेवा करना हमारा फर्ज है।

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