सोनीपत। सरकारी नौकरी दिलवाने के नाम पर बेटी का फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के मामले में जांच की जाएगी। मामले की जांच सिविल लाइन थाना पुलिस करेगी। मामले को लेकर नगर निगम की तरफ से शिकायत की गई थी। मामले की जांच स्वास्थ्य विभाग ने की थी। शिकायत पर पुलिस अधिकारी ने सिविल लाइन थाना पुलिस को कार्रवाई करने को कहा है।
सेक्टर-14 में निवासी व्यक्ति ने बेटी का जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के लिए आवेदन किया था। मामले में आरोप है कि उनकी बेटी का जन्म 6 अक्तूबर 1994 को सोनीपत में होना दिखाया गया है, जबकि उसका जन्म इससे एक साल पहले झज्जर जिले में हुआ था। आयु को एक साल कम कराने के लिए उन्होंने फर्जी जन्म प्रमाणपत्र तैयार कराया। इसके लिए दाई और दो गवाहों के फर्जी शपथ पत्र बनवा कर दिए गए। इनके आधार पर पार्षद को भी गुमराह करके संस्तुति करा ली। अब सामाजिक कार्यकर्ता अनिल शर्मा ने इस मामले में आरटीआई लगाई तो फर्जीवाड़ा सामने आया। इस मामले में कई क्षेत्र में गड़बड़ी हुई। फर्जी प्रमाणपत्र के लिए झूठे शपथ पत्र न्यायालय परिसर में तैयार कराए गए। यह क्षेत्र सिटी थाने में पड़ता है। दाई के फर्जी कागजात सेक्टर-14 में तैयार कराए गए। इन कागजात का प्रयोग नागरिक अस्पताल में किया गया। यह सेक्टर-27 थाने का क्षेत्र है। वहीं फर्जी जन्म प्रमाणपत्र नगर निगम से प्राप्त किया गया। वह सिविल लाइन थाने का क्षेत्र है। मामले में पुलिस का कहना है कि इसकी जांच थाना सिविल लाइन में कराकर मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बनवाने में जो भी लोग शामिल रहे हैं, उनकी जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।