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नेशनल हाईवे पर 20 किमी तक 60 हजार ट्रैक्टरों के साथ एक लाख से ज्यादा किसानों ने डाला पड़ाव

Mon, 25 Jan 2021 11:50 PM IST
रोहतक ब्यूरो अंकित चौहान, सोनीपत
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गणतंत्र दिवस पर ट्रैक्टर परेड के लिए नेशनल हाईवे-44 पर किसानों का हुजूम उमड़ पड़ा है। हाईवे करीब 60 हजार ट्रैक्टरों के साथ एक लाख से ज्यादा किसानों ने 20 किमी तक पड़ाव डाल दिया है। जिससे दिल्ली के सिंघु बॉर्डर से लेकर बहालगढ़ से आगे तक ट्रैक्टरों के कारण नेशनल हाईवे पूरी तरह से जाम हो गया है। साथ ही सर्विस रोड भी जाम हो गया है। इनके अलावा किसानों ने केएमपी-केजीपी के गोल चक्कर, सड़क किनारे सभी मॉल, पेट्रोल पंप, ढाबों पर भी ट्रैक्टर समेत डेरा डाला हुआ है। वहीं किसानों के आने का सिलसिला अभी जारी है, जिससे परेड से पहले तक हजारों ट्रैक्टर बढ़ जाएंगे। किसान जिन ट्रैक्टरों को लेकर पहुंच रहे हैं, उनमें किसी में ट्रक का इंजन लगवाया हुआ है तो कोई जेसीबी का सामान लगवाकर लाया है। वहीं ट्रैक्टरों को गुब्बारे व तिरंगे से सजाकर लाया जा रहा है। जिससे नेशनल हाईवे पर हर तरफ ट्रैक्टरों पर तिरंगे ही नजर आ रहे हैं।

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कृषि कानून रद्द कराने की मांग को लेकर पिछले दो महीने से किसान आंदोलन कर रहे हैं और सड़कों पर डेरा डाले हुए हैं। इस बीच किसानों व सरकार के बीच 11 दौर की बातचीत हो चुकी है। इसके अलावा किसानों की एक बार गृहमंत्री अमित शाह के साथ भी बातचीत हुई थी। इसके बावजूद कोई हल नहीं निकल सका और सरकार से गतिरोध बढ़ने पर किसानों के तेवर तल्ख होते जा रहे हैं। इसलिए किसानों ने सरकार पर दबाव बनाने के लिए गणतंत्र दिवस पर ट्रैक्टर परेड निकालने का ऐलान किया हुआ है। जिसकी पूरी तैयारी किसान कर चुके हैं। इस ट्रैक्टर परेड के लिए पिछले एक सप्ताह से किसानों का बॉर्डर पर पहुंचने का सिलसिला जारी है और परेड से एक दिन पहले सोमवार की शाम तक नेशनल हाईवे-44 पर किसानों का हुजूम उमड़ पड़ा है।

जहां पंजाब, हरियाणा, यूपी, राजस्थान, उत्तराखंड, महाराष्ट्र, केरल, तमिलनाडु समेत अन्य कई राज्यों के किसान आए हुए हैं। इसके अलावा पंजाब, हरियाणा व यूपी के किसान सबसे ज्यादा ट्रैक्टर लेकर पहुंचे हैं। नेशनल हाईवे- 44 पर दिल्ली के सिंघु बॉर्डर से लेकर बहालगढ़ से आगे तक ट्रैक्टर होने के कारण सड़क पूरी तरह से जाम हो गई है। यहां ट्रैक्टर लेकर किसानों के पहुंचने का सिलसिला लगातार जारी है। सिंघु बॉर्डर से सबसे ज्यादा किसान अपने ट्रैक्टर लेकर परेड निकालेंगे, क्योंकि पंजाब व हरियाणा के अधिकतर किसान इस बॉर्डर पर ही पहुंचे हैं। वहीं किसान नेताओं का मानना है कि जिस तरह से गणतंत्र दिवस की परेड के लिए इस तरह से ट्रैक्टर लेकर लगातार किसान पहुंच रहे हैं और उनके आने का सिलसिला अभी जारी है, उससे यह परेड ऐतिहासिक होगी। हालांकि ट्रैक्टर परेड को शांतिपूर्ण तरीके से कराना भी किसान नेताओं के लिए चुनौती है और इसके लिए ही लगातार किसानों से परेड में व्यवस्था बनाए रखने की अपील की जा रही है।
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नेशनल हाईवे के किनारे सभी मॉल, पेट्रोल पंप, ढाबों पर भी ट्रैक्टर समेत डेरा डाला
किसानों ने केवल नेशनल हाईवे-44 की सड़कों पर ही डेरा नहीं डाला हुआ है। बल्कि जिसको जहां जगह मिल रही है, वह उसी जगह पर अपना ट्रैक्टर लेकर पड़ाव डाल रहा है। इसलिए ही केजीपी-केएमपी के ऊपर भी ट्रैक्टर की लाइनें लगनी शुरू हो गई हैं। नेशनल हाईवे पर जगह नहीं होने के कारण किसानों ने केजीपी-केएमपी गोल चक्कर पर ही ट्रैक्टरों को लेकर जाना शुरू कर दिया है। जिससे वह परेड शुरू होने पर उनको नीचे उतारकर उसमें शामिल हो सकें। इसके अलावा नेशनल हाईवे के किनारे जितने भी मॉल हैं, उन पर भी किसानों ने ट्रैक्टर के साथ डेरा डाल दिया है। इनके अलावा पेट्रोल पंप व ढाबों पर भी किसान व उनके ट्रैक्टर ही दिख रहे हैं। वहीं जिस तरह से ट्रैक्टरों के आने का सिलसिला जारी है, उससे नेशनल हाईवे के संपर्क मार्ग भी बंद होते जा रहे हैं।

ट्रैक्टर में ट्रक का इंजन लगवाया तो किसी ने तिरंगे व गुब्बारे से सजाया
किसानों के अंदर ट्रैक्टर परेड का इतना जोश दिख रहा है कि वह अपने ट्रैक्टर को मोडिफाई कराने के बाद लेकर आ रहे हैं, जिससे उनका ट्रैक्टर सबसे अलग दिखाई दे। ऐसे ही पंजाब के कई किसानों ने ट्रैक्टर में ट्रक का इंजन लगवाया हुआ है तो किसी ने जेसीबी के कई उपकरण लगवाए हुए हैं। यह बताया जा रहा है कि जिस किसान राजिंदर सिंह ने ट्रैक्टर में ट्रक का इंजन लगवाया गया है, वह पहले कई प्रतियोगिता में काफी पुरस्कार जीत चुका है। ऐसे भी किसान हैं, जिन्होंने केवल परेड के लिए ही ट्रैक्टर खरीद लिया है। वहीं ट्रैक्टरों पर गुब्बारे व तिरंगा झंडा लगाकर किसान पहुंचे हैं, जिससे नेशनल हाईवे पर हर तरफ तिरंगे ही दिख रहे हैं।

ट्रैक्टरों में करोड़ों का डीजल खर्च होगा
जिस तरह से दिल्ली की सीमाओं पर करीब एक लाख से ज्यादा ट्रैक्टर पहुंच रहे हैं और वह परेड में शामिल होंगे। उसको देखते हुए करोड़ों रुपये का डीजल ट्रैक्टरों में खर्च होगा। यह भी तब होगा, जब ट्रैक्टर लगातार चलते रहेंगे। अगर किसी जगह जाम लग जाता है और उसमें ट्रैक्टर फंस जाते हैं तो उससे यह खर्च काफी बढ़ जाएगा। इस तरह से अपने हक की लड़ाई में किसानों को अपनी जेब भी ढीली करनी पड़ेगी।

इस बार देश में गणतंत्र दिवस कुछ अलग तरीके से होगा। पहली बार जवान के साथ किसान भी परेड करेगा। यह परेड ऐतिहासिक होगी और इसे पूरी दुनिया देखेगी। ट्रैक्टर परेड के लिए एक लाख से ज्यादा ट्रैक्टर आ चुके हैं और ट्रैक्टरों के आने का सिलसिला लगातार जारी है। ट्रैक्टर परेड को शांतिपूर्ण तरीके से निकाला जाएगा और इसके लिए ही वालंटियर लगाए गए हैं। इसके साथ ही सभी से शांतिपूर्ण तरीके से परेड निकालने की अपील की गई है।
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-बलबीर सिंह राजेवाल, सदस्य संयुक्त किसान मोर्चा।

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