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20 किलोमीटर पैदल चलकर पहुंचे सिंघु बार्डर, थकने पर रुककर किया आराम, फिर पैदल शुरू किया सफर

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जीटी रोड पर गांव राई के पास पैदल आते लोग। - फोटो : Sonipat
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सोनीपत/ कुंडली। किसानों के कुंडली बॉर्डर पर किए जा रहे आंदोलन के बीच 26 जनवरी की ट्रैक्टर परेड के कारण जीटी रोड पर करीब 20 किलोमीटर लंबा जाम लग गया। जिसके चलते सिंघु बॉर्डर पार कर दिल्ली जाने वाले लोगों को यह सफर पैदल चलकर पूरा करना पड़ रहा है। वाहनों को बहालगढ़ ही रोका जा रहा है। वहीं दिल्ली से सवारी भी सिंघु बॉर्डर तक ही आती हैं। इससे आगे लोगों को बहालगढ़ तक पैदल ही चलना पड़ रहा है। लोग पैदल चल रहे हैं और थक जाने पर बैठकर विश्राम करने के बाद फिर गंतव्य की तरफ बढ़ जाते हैं।
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किसान आंदोलन के बीच किसानों की ट्रैक्टर परेड के कारण बहालगढ़ से सिंघु बॉर्डर तक ट्रैक्टरों की कतारें लग गई हैं। पंजाब व हरियाणा के विभिन्न हिस्सों से ट्रैक्टर लेकर परेड में शामिल होने पहुंचे करीब 60 हजार ट्रैक्टरों के कारण बहालगढ़ से सिंघु बॉर्डर तक पानीपत व दिल्ली दोनों लेन पर वाहनों की कतारें लगी हुई हैं। जिससे यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लोग करीब 20 किलोमीटर पैदल चलकर अपने गंतव्य तक जाने के लिए विवश हो रहे हैं। जब पैदल ही सामान व बच्चों को लेकर चलते हैं तो कुछ दूर चलने के बाद बच्चों के पैर थक जाते हैं। ऐसे में उनके माता-पिता को ही उन्हें सामान के साथ गोद में लेकर चलना पड़ रहा है। जब वह कुछ दूर चलकर थक जाते हैं तो बैठकर आराम करते हैं और फिर अपने गंतव्य की तरफ चल पड़ते हैं। इनमें जरूरतमंद परिवारों के लोगों की संख्या ज्यादा है। जिनके पास अपने वाहन नहीं होने के चलते उन्हें निजी या सरकारी वाहनों में सफर करना पड़ता है। रोडवेज बस सेवा दो दिन दिल्ली के लिए फिर से बंद कर दी गई है। ऐसे में इनके लिए पैदल चलकर जाना मजबूरी बन गया है।
लोगों की परेशानी उन्हीं की जुबानी
मुझे अपने परिचित से मिलने के लिए गांव रसोई जाना पड़ा। कोई वाहन नहीं होने के चलते मैं करीब छह किलोमीटर पैदल चलकर राई गांव से रसोई पहुंचा। लोगों की मुसीबत ज्यादा बढ़ गई है। सरकार को चाहिए कि किसानों से बातचीत कर जल्द मुद्दों को सुलझाए। जिससे आम आदमी की दिक्कत कम हो सके।
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-आबिद, गांव राई
किसान आंदोलन के बीच ट्रैक्टर परेड के चलते सिंघु बॉर्डर से बहालगढ़ तक रोड बंद हो चुका है। किसान मांगों का लेकर दो माह से आंदोलनरत हैं। सरकार को चाहिए कि वह इस मुद्दे पर किसानों के साथ खुलकर बातचीत करे। सरकार व किसान की खींचतान का असर आम लोगों को सहन करना पड़ रहा है।
-बंटी, गांव राई।
किसान आंदोलन के चलते बहालगढ़ से कुंडली बॉर्डर तक रास्ता पूरी तरह से बंद है। ऐसे में प्रवासी मजदूरों को काफी दिक्कत हो रही है। वह पैदल चलकर गंतव्य तक पहुंच रहे हैं। सरकार को किसानों से बातचीत कर इस विवाद को जल्द सुलझाना चाहिए। जिससे लोगों को परेशानी से बचाया जा सके।
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-ओमप्रकाश, गांव बडौली।
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