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नेहा गोयल: कैसे एक साधारण लड़की बनी हॉकी की असाधारण खिलाड़ी, प्रेरणादायक है पूरी कहानी

Fri, 23 Oct 2020 01:59 PM IST
रोहतक ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सोनीपत (हरियाणा)
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नेहा गोयल। - फोटो : अमर उजाला
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राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फलक पर देश का नाम रोशन करने वाली हॉकी खिलाड़ी नेहा गोयल ने विपरीत परिस्थितियों के बाद भी कुछ अलग करने का जो सपना देखा उसे कड़ी मेहनत से साकार कर दिखाया है। बेहद सामान्य परिवार में जन्मी नेहा की मंजिल पाने की जिद ने उन्हें देश में अलग पहचान बनाने में मदद की। वह दूसरों के लिए प्रेरणा बन गई हैं।

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सोनीपत के वेस्ट रामनगर में रहने वाली हॉकी खिलाड़ी नेहा गोयल एसएसआईआईडीसी के हॉकी मैदान के पास से गुजरती तो महिला खिलाड़ियों को रंग बिरंगी ड्रेस में अभ्यास करते हुए देखती थी। उनका सपना था कि वह भी हॉकी स्टिक लेकर मैदान में उतरे। एक दिन हॉकी कोच प्रीतम सिवाच की नजर उन पर पड़ी। जब प्रीतम से उनसे बातचीत की तो नेहा ने कहा कि उसे भी हॉकी पसंद है लेकिन उसके पास संसाधन नहीं हैं। यहां तक कि जूते भी नहीं है।

प्रीतम ने कहा था कि उसकी चिंता छोड़िए अगर मेहनत कर सकती हो तो मैदान में आ जाना। उसके बाद तो नेहा का जीवन ही बदल गया। वह राष्ट्रीय चैंपियनशिप में देश की सबसे प्रतिभावान खिलाड़ी बनी और दिल्ली में आयोजित अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप में भी प्रतिभावान खिलाड़ी का अवार्ड जीता।

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नेहा ने हॉकी में तेजी से मुकाम हासिल किया था। 14 साल की उम्र में जूनियर नेशनल खेलने के बाद 2011 में जूनियर एशिया कप खेला और उसमें देश को कांस्य पदक दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। उसी साल खेले गए अंडर-21 अंतरराष्ट्रीय लाल बहादुर शास्त्री कप में भी नेहा गोयल को जगह मिली और उसमें न्यूजीलैंड, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया जैसी टीमों को हराकर देश को चैंपियन बनाया। इसमें नेहा को बेस्ट प्लेयर का अवार्ड भी मिला। वर्ष-2016 में हुए साउथ एशियन गेम्स में देश को चैंपियन बनाने में नेहा गोयल का अहम योगदान रहा।

नेहा फारवर्ड पॉजिशन पर खेलती हैं और वह सीनियर टेस्ट मैच, चैंपियन कप समेत अन्य चैंपियनशिप में भी देश के लिए खेल चुकी हैं। इस समय भी वह रेलवे की ओर से खेलती हैं। नेहा कहती हैं कि उनको इस मुकाम तक पहुंचाने में मां सावित्री देवी ने जिस तरह से मेहनत की है, वह एक मिसाल है।

नेहा कहती हैं कि भारतीय हॉकी टीम की कप्तान रहीं उनकी कोच प्रीतम सिवाच व उनके पति कुलदीप ने भी उनका काफी सहयोग किया और अच्छी हॉकी खेलने के लिए प्रोत्साहित किया। उनसे प्रशिक्षित नेहा गोयल ने एशियन गेम्स में भारत को रजत दिलाने में अहम भूमिका अदा की है। नेहा का लक्ष्य टोक्यो ओलंपिक में देश को पदक दिलाना है।
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