सोनीपत। नेताओं और दबंगों के आगे नगर निगम पूरी तरह से झुक गया है और सेक्टरों के गेट खुलवाने की हिम्मत तक नहीं जुटा सका। हालात यह है कि निगम के कमिश्नर तीन दिन पहले गेट खुलवाने का दावा कर चुके हैं और अभी तक किसी भी सेक्टर में एक भी गेट वह नहीं खुलवा सके हैं। जबकि सेक्टर 12, 14, 15, 23 में अवैध रूप से केवल नेताओं ही नहीं, बल्कि अन्य दबंगों ने 50 से ज्यादा गेट लगाए हुए हैं। जिससे सेक्टरों के लोगों को गेट पर ताले लगे होने के कारण काफी दूर से घूमकर अपने घरों में आना पड़ता है। ऐसे लोगों की परेशानी दूर करने में नगर निगम के अधिकारी नाकाम दिख रहे हैं।
सेक्टरों में जितनी भी सड़कें नेताओं के घरों की तरफ जाती हैं, उन सड़कों पर अवैध रूप से गेट लगाए हुए हैं तो सेक्टरों में रहने वाले कुछ दबंग लोगों ने भी अपने घरों की तरफ जाने वाले रास्ते पर खुद ही गेट लगा लिए हैं। हालात ऐसे हैं कि सेक्टर 12, 14, 15, 23 में 50 से ज्यादा गेट अवैध रूप से लगाए गए हैं। जबकि नियम के अनुसार किसी भी रास्ते में गेट लगाना होगा तो उसके लिए रेजिडेंट वेल्फेयर एसोसिएशन के पास एक प्रार्थना पत्र दिया जाएगा और उसका एक प्रस्ताव एसोसिएशन से अधिकारियों को देना होता है। उसके आधार पर गेट लगाने की मंजूरी मिलती है। वह गेट भी इस शर्त पर लगाया जा सकता है कि उसे सुबह पांच बजे से रात दस बजे तक खोलकर रखना होगा और उसे बंद रखा जाएगा तो उस पर चौकीदार दिनभर बैठाना होगा। लेकिन नेताओं के साथ ही दबंगों के घरों की तरफ जाने वाली सभी गलियों पर अवैध रूप से गेट लगवा दिए गए हैं और जनता को परेशानी झेलनी पड़ रही है। जनता को परेशानी में डालने वाला कोई दूसरा नहीं, बल्कि खुद वह सांसद, विधायक, वाइस चेयरमैन है जो चुनाव के समय मंच से जनता की परेशानियां दूर करने के बड़े-बड़े वादे करते हैं। लेकिन अब उनका यह रवैया जनता के लिए परेशानी बना रहा है।
निगम कमिश्नर का दावा भी हुआ फेल, तीन दिन में एक गेट नहीं खुलवा सके
सेक्टर में नेताओं व दबंगों ने अवैध रूप से जिस तरह से गेट लगवाकर ताला लगाया हुआ है और आरडब्ल्यूए भी गेट लगवाकर बंद करने का विरोध कर रही है। इस तरह का मामला आने पर पिछले तीन दिन से निगम कमिश्नर केवल दावा कर रहे हैं कि वह अवैध रूप से लगाकर बंद किए गए गेट को खुलवा देंगे। लेकिन जिस तरह से वह केवल दावा कर रहे हैं, उससे उनका दावा भी फेल दिख रहा है। क्योंकि वह नेताओं के अलावा दबंगों तक का एक गेट भी पिछले तीन दिनों में नहीं खुलवा सके हैं। इससे ही साफ होता है कि आम लोगों की समस्या को दूर करने में निगम के अधिकारी भी कितनी रुचि दिखाते हैं।
वर्जन ::
हम शुरुआत से सेक्टरों में अवैध रूप से गेट लगाकर बंद रखने का विरोध करते आए हैं और हम इसको लेकर कोर्ट भी गए थे। क्योंकि निगम के अधिकारी कुछ नहीं करते हैं। जब कोर्ट का दबाव आता है तो गेट खुलवा दिए जाते हैं और उसके बाद दोबारा से हालात खराब हो जाते हैं। गेट जरूर खुलने चाहिए, क्योंकि गेट बंद रहने से आम लोगों को परेशानी होती है।
-केएस सांगवान, प्रधान रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन सेक्टर 15
वर्जन ::
सेक्टरों में लगाए गए गेट खुलवाए जाएंगे और उसके लिए कर्मियों को कहा गया है। उसमें किस तरह की समस्या आ रही है, उसका पता करके दूर किया जाएगा और गेट खुलवाए जाएंगे।
-जगदीश शर्मा, कमिश्नर नगर निगम।