सोनीपत। सड़क हादसे में 23 वर्षीय युवक की मौत के बाद परिवार ने उसके अंगदान की इच्छा जताई, लेकिन आवश्यक प्रक्रिया और समय पर मार्गदर्शन नहीं मिलने के कारण अन्य अंगदान नहीं हो सका। बाद में समाज कल्याण शिक्षा समिति के प्रयास से युवक का नेत्रदान कराया गया। दिल्ली के श्रॉफ अस्पताल से पहुंची टीम ने उसकी आंखें सुरक्षित कीं।
गांव जागसी के फिलहाल प्रगति नगर निवासी साहिल सूरा 9 सितंबर को पुलिस लाइन के पास सड़क पर बने ब्रेकर पर हादसे का शिकार हुआ था। सिर में गंभीर चोट लगने के बाद उसे निदान अस्पताल में भर्ती कराया गया। कई दिन उपचार के बाद मंगलवार सुबह चिकित्सकों ने उसे मस्तिष्क मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिवार ने उसके अंग जरूरतमंद मरीजों के काम आने की इच्छा जताई। परिवार का आरोप है कि संबंधित संस्थाओं के बीच समन्वय और उचित मार्गदर्शन के अभाव में अंगदान की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी।
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इसके बाद परिवार ने समाज कल्याण शिक्षा समिति के प्रधान आनंद कुमार से संपर्क किया। उन्होंने श्रॉफ अस्पताल से संपर्क कर नेत्रदान के लिए टीम बुलाई। अस्पताल के तकनीशियन नरेंद्र लोहमोर ने प्रक्रिया पूरी कर साहिल की आंखें सुरक्षित कीं।
समाज कल्याण शिक्षा समिति के प्रधान आनंद कुमार ने बताया कि दृष्टि सेवा समिति के सहयोग से अब तक 3401 लोगों का नेत्रदान कराया जा चुका है। उन्होंने कहा कि साहिल के परिवार की इच्छा थी कि उसके जाने के बाद उसकी आंखें किसी जरूरतमंद के काम आएं।