नवोदित खिलाड़ियों की प्रतिभा निखारने के लिए प्रदेश सरकार ने खेल नर्सरी की योजना की शुरुआत की थी। वर्तमान में जिले में 80 निजी खेल नर्सरी आवंटित की गई थीं। इसमें से 70 खेल नर्सरी ही संचालित हो रही हैं। अन्य 10 नर्सरी शुरू ही नहीं हो सकीं। ऐसे में उन नर्सरियों में प्रतिभा निखारने का सपना संजोने वाले खिलाड़ियों को निराशा हाथ लगी है।
जिले में प्रदेश सरकार की तरफ से खिलाड़ियों को बेहतर अभ्यास कराने के लिए चलाई जा रहीं खेल नर्सरियों की संख्या कम हो गई है। प्रदेश सरकार की तरफ से प्रतिभाओं को तराशने के लिए प्रत्येक जिले में खेल नर्सरियां चलाई जा रही हैं। प्रत्येक नर्सरी में 25 खिलाड़ी सुबह-शाम अभ्यास करते हैं। विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिले में 80 नर्सरी आवंटित की गई थीं। अधिकारियों ने बताया कि जिले में अब केवल 70 निजी खेल नर्सरी संचालित की जा रही हैं। विभागीय अधिकारियों ने अब नर्सरियों को शुरू नहीं करने वाले संस्थानों को पत्र भेजकर जवाब मांगा है। मुख्यालय को भी इन नर्सरियों के बारे में अवगत कराया गया है।
इन खेलों की नर्सरी नहीं हो सकीं शुरू
जिले में आठ विभिन्न खेलों की 10 खेल नर्सरी शुरू नहीं हो सकीं। जिले में कई खेलों की एकमात्र खेल नर्सरी हैं, जो कि अब बंद हैं। जिले में मोतीलाल नेहरू खेलकूद विद्यालय की आठ खेल नर्सरी बंद हैं। इसमें एक-एक एथलेटिक्स, बास्केटबॉल, बॉक्सिंग, जिम्नास्टिक्स, हॉकी, लॉन टेनिस, निशानेबाजी, वॉलीबॉल की खेल नर्सरी हैं। वहीं, गांव रिवाड़ा में वॉलीबॉल व हॉली क्रॉस स्कूल में बॉक्सिंग की खेल नर्सरी कम हुई हैं। जिले में लॉन टेनिस की एकमात्र खेल नर्सरी थी। जिम्नास्टिक्स की दो नर्सरी थीं, जिसमें से एक बंद है। वहीं, बॉक्सिंग की चार में दो नर्सरी बंद हैं।
जिले में हैं अब 99 खेल नर्सरी
खेल विभाग की तरफ से 15 जून को जिले में खेल नर्सरी शुरू की गई थीं। जिले में कुल 112 नर्सरी आवंटित की गई थीं, जिनमें 32 सरकारी व 80 निजी खेल नर्सरी थीं। अब जिले में 29 सरकारी व 70 निजी खेल नर्सरी चालू हैं। बंद हुईं 10 खेल नर्सरी में करीब 250 खिलाड़ी प्रतिभा तराश सकते थे। संस्थानों ने नर्सरियों को चालू न करके खिलाड़ियों के भविष्य से खिलवाड़ किया है। नर्सरियों में प्रदेश सरकार की तरफ से 8 से 14 आयु वर्ग के खिलाड़ियों को 1500 रुपये व 15 से 19 आयु वर्ग के खिलाड़ियों को 2000 रुपये प्रतिमाह दिए जाते हैं। यह खेल नर्सरी 15 जून से जिले में शुरू कर दी गई थीं। नर्सरियों में खिलाड़ियों को सुबह-शाम कड़ा अभ्यास कराया जाता है।
-
जिले में आवंटित की गई 10 खेल नर्सरी चालू ही नहीं हो सकीं। इसके लिए संस्थानों को पत्र लिखने के साथ ही इसकी जानकारी मुख्यालय में भी दे दी है।
- मनोज कुमार, जिला खेल अधिकारी, सोनीपत।