सोनीपत। नगर निगम क्षेत्र में कुत्तों के लिए शेल्टर होम की सुविधा है मगर उन्हें स्थायी तौर पर रखने का कोई प्रबंध नहीं है। वर्तमान में निगम क्षेत्र में 4200 से ज्यादा कुत्ते घूम रहे हैं।
नगर निगम की ओर से कुत्तों की नसबंदी कराई जा रही है। बाहर घूम रहे कुत्तों की वजह से लोग इनके शिकार हो रहे है।
गंभीर रूप से घायलों के लिए अस्पताल में एंटी रेबीज सीरम भी नहीं है। ऐसे लोगों को खानपुर कलां या दिल्ली के अस्पतालों की तरफ रुख करना पड़ रहा है।
सुप्रीम कोर्ट ने लावारिस कुत्तों को शेल्टर होम में डालने के आदेश दिए हैं। नगर निगम के पास शेल्टर होम उपलब्ध है मगर उसमें कुत्तों को रखने के लिए जगह कम है। वहां पर 30-40 कुत्तों को एक साथ रखा जा रहा है।
वर्तमान में शहर में 4200 से ज्यादा कुत्ते घूम रहे हैं। उनकी नसबंदी करने के लिए नगर निगम ने दिल्ली की एजेंसी फ्रेंडिकोज सेका को टेंडर दिया हुआ है। एजेंसी को 28 अक्तूबर 2024 को एक साल के लिए वर्क ऑर्डर जारी किया गया था। अब तक 3935 कुत्तों की नसबंदी की जा चुकी है।
मुरथल रोड पर डॉग हाउस में कुत्तों की नसबंदीकी जाती है। प्रति कुत्ते की नसंबदी करने पर निगम की ओर से एजेंसी को 1350 रुपये दिए जाते हैं। दूसरी तरफ जिला नागरिक अस्पताल में एंटी रेबीज सीरम (एआरएस) खत्म हो चुके हैं।
सीरम खत्म होने की वजह से गंभीर मरीजों को रेफर किया जा रहा है। इससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में एंटी रेबीज वैक्सीन की सुविधा है, जिसे लगवाने के लिए रोजाना 80 से 100 मरीज पहुंच रहे हैं।
कुत्ते-बंदर के काटे हुए गंभीर घायलों को सीरम लगवाने वालों को रेफर किया जा रहा है। अशोक विहार गली नंबर-2 में रविवार सुबह दूध लेने जा रही जानकी देवी को कुत्ते ने काट लिया।
इससे वह जमीन पर गिर गईं। शोर मचाने के बाद लोग घरों से निकले और कुत्ते को भगाकर उनको बचाया।
कुत्ते ने जानकी देवी के पैर में गंभीर रूप से काटा हुआ था। इसके लिए चिकित्सक ने उन्हें एंटी रेबीज सीरम लगवाने के लिए कहा है। सीरम खत्म होने की वजह से चिकित्सक ने उन्हें रेफर कर दिया है। परिजन उन्हें दिल्ली के नरेला लेकर गए और एंटी रेबीज सीरम लगवाई। सोनीपत के नागरिक अस्पताल एंटी रेबीज सीरम न होने के कारण उन्हें नाराजगी जताई।