फोटो 08- सोनीपत के राई स्थित बीआरसी हॉल में शिक्षा स्वयंसेवक परियोजना परिषद की बैठक के दौरान स
सोनीपत। जनवरी से जिले में सर्वे कर ऐसे बच्चों की खोज की जाएगी, जो शिक्षा से दूर हो चुके हैं। यह निर्णय स्वयंसेवकों ने बैठक में लिया है। शिक्षा विभाग की ओर से राई स्थित बीआरसी हॉल में मंगलवार को शिक्षा स्वयंसेवक परियोजना परिषद की बैठक हुई। इसमें हुमाना पीपल टू पीपल इंडिया की डिवीजन समन्वयक सीमा के नेतृत्व में 53 शिक्षा स्वयंसेवकों ने भाग लिया।
जिला सहायक परियोजना संयोजक एवं नोडल अधिकारी डाॅ. अत्तर सिंह ने बैठक में सभी शिक्षा स्वयंसेवकों को आगामी परियोजना संबंधी जानकारी दी। साथ ही उन्होंने शिक्षा स्वयंसेवकों के साथ जनवरी में किए जाने वाले स्कूल व प्रशिक्षण से दूर रहने वाले बच्चों के सर्वेक्षण, संबंधित रूपरेखा व महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की।
नोडल अधिकारी ने सभी शिक्षा स्वयंसेवकों को प्रत्येक खंड में गहनता से सर्वे करने के निर्देश दिए ताकि हर बच्चे शिक्षित कर मुख्यधारा में लाया जा सके। नई शिक्षा नीति-2020 का कार्यान्वयन सुचारु रूप से किया जा सके। डॉ. अत्तर सिंह ने बताया कि वर्तमान में जिले के विभिन्न खंडों में समग्र शिक्षा के तहत 53 स्पेशल प्रशिक्षण केंद्र खोले गए हैं।
इनमें 1330 बच्चे प्राथमिक प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। इसका उद्देश्य फरवरी 2026 तक इन बच्चों में बुनियादी विषयों की नींव मजबूत कर इन्हें मुख्यधारा में शामिल करना है। डॉ. अत्तर सिंह ने बताया कि जिला में 5 वर्ष में कदम स्टेप-अप प्रोग्राम के तहत 8000 ऐसे बच्चों को विद्यालय की मुख्यधारा में लाया जा चुका है, जो विद्यालय व शिक्षा को छोड़ चुके थे।
बैठक में दीपक, नीरज, रवि सैनी, सुमन शर्मा, पूनम, रुचि, अन्नु, रिंपी, पुष्पा, सुमन, अंजू मौजूद रही।