अब ऑपरेशन बंद होने से मरीजों की परेशानी बढ़ेगी। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि आइसोलेशन वार्ड बनाए जाने से आंख, नाक, हार्निया का ऑपरेशन कराने वालों को भर्ती नहीं किया जा सकता। ऐसे में कुछ समय के लिए कोरोना वायरस के कारण ऑपरेशन को रोक दिया गया है।
अब ओटी में जरूरत के हिसाब से ही ऑपरेशन किए जाएंगे। इसके साथ ही सिविल सर्जन डॉ. बीके राजौरा ने पीएमओ डॉ. आदर्श शर्मा व डीएमएस डॉ. संदीप लठवाल संग अस्पताल में बनाए गए आईसोलेशन वार्ड का निरीक्षण कर सुविधाएं जांची। साथ ही उन्होंने चिकित्सकों व स्टाफ कर्मियों को एहतियात बरतने के निर्देश दिए।
फ्लू ओपीडी में फिजिशियन बढ़ाए, 249 मरीजों का उपचार किया
कोरोना वायरस के कारण अस्पताल में सोमवार को फ्लू ओपीडी में खांसी, जुकाम, बुखार के 249 मरीजों का उपचार किया गया। इसके साथ ही ओपीडी के अंदर फार्मासिस्ट की ओर से मरीजों को दवाई भी उपलब्ध कराई गई। ताकि मरीजों को डिस्पेंसरी पर जाकर दवा लेने के लिए लाइन में खड़ा नहीं होना पड़े। फ्लू ओपीडी में फिजिशियन डॉ. सुशील जैन के साथ डॉ. रामकुमार की ड्यूटी लगाई गई, ताकि यहां उपचार कराने के लिए आने वाले मरीजों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।
अमर उजाला समाचार पत्र में महंगे दामों पर मास्क व सैनेटाइजर बेचने का मुद्दा सोमवार को प्रकाशित किया गया। इस पर संज्ञान लेते हुए मुख्य सचिव के आदेश के बाद डीसी डॉ. अंशज सिंह ने अफसर को निर्देश दिए कि वह मास्क व सैनेटाइजर इत्यादि की कालाबाजारी रोकने के लिए मेडिकल स्टोरों पर छापामार कार्रवाई की जाए। विभिन्न मेडिकल स्टोरों पर दस रुपये में मास्क उपलब्ध कराया जा रहा है। कोरोना वायरस के मामले में किसी भी प्रकार की मदद के लिए टोल फ्री नंबर 8558893911 पर संपर्क किया जा सकता है।
स्वास्थ्य विभाग ने मीटिंग में नहीं पहुंचने पर तीन अस्पताल संचालकों से मांगा स्पष्टीकरण
सिविल सर्जन डॉ. बीके राजौरा ने कोरोना वायरस के संदर्भ में आईएमए की मीटिंग की। जहां उन्होंने प्राइवेट हॉस्पिटल संचालकों को फ्लू कॉर्नर के साथ फ्लू ओपीडी शुरू करने के निर्देश दिए। साथ ही अस्पतालों में स्वच्छता बनाए रखने के लिए कहा गया। मीटिंग में तीन हॉस्पिटल संचालक नहीं पहुंचे। इससे नाराज हुए सिविल सर्जन ने तीनों अस्पताल संचालकों से स्पष्टीकरण मांगा। स्पष्टीकरण नहीं देने पर अस्पताल संचालकों के खिलाफ विभाग की ओर से कार्रवाई की जाएगी।
नवरात्रों में जागरण स्थगित करने के निर्देश तो ढाबों पर 200 लोग नहीं जुटने देंगे
मुख्य सचिव केशनी आनंद अरोड़ा ने वीडियो कांफ्रेंस करके अधिकारियों को कोरोना वायरस के संदर्भ में जरूरी दिशा-निर्देश दिए। डीसी डॉ. अंशज सिंह ने कहा कि विभिन्न प्रकार के आयोजनों में जुटने वाले लोगों का आंकड़ा 200 के पार नहीं पहुंचना चाहिए। ऐसे आयोजनों पर पूर्ण रूप से पाबंदी रहेगी।
साथ ही उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वह रेल या बसों में यात्रा तभी करें, जब आवश्यक हो। अन्यथा कोरोना वायरस से बचाव के लिए फिलहाल यात्रा को स्थगित ही रखें। उन्होंने कहा कि सिनेमाघरों व कोचिंग सेंटरों को भी फिलहाल 31 मार्च तक बंद रखा जाए। 25 मार्च से नवरात्रे प्रारंभ होंगे। नवरात्रों में होने वाले जागरण फिलहाल स्थगित रखा जाए। उन्होंने कहा कि ढ़ाबों पर आने वाले सभी लोगों के लिए हाथ धोने की सुविधा होनी चाहिए। एक बार में 200 से अधिक लोग ढाबों पर नहीं जुटने चाहिए।