मुरथल/सोनीपत। राष्ट्रीय राजमार्ग-352ए पर ड्रेनेज सिस्टम फेल हो गया है। फ्लाईओवर के पास जगह-जगह पानी भर रहा है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की अनदेखी की वजह से भारी नुकसान हो सकता है। पानी निकासी के लिए बनाया गया नाला कई जगहों पर टूटा गया है। देवडू-कुराड़ के बीच फ्लाईओवर के नीचे और आसपास के क्षेत्र पानी से लबालब है।
ग्रीनफील्ड राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच)-352ए को मुरथल से गोहाना के बीच कई जगह ट्रायल के लिए खोल दिया गया है। वाहन जुलाई में इस पर रफ्तार भरने लगेंगे। कामी चौक से गांव बड़वासनी तक फ्लाईओवर खोला गया है। 600 मीटर बनाया जा रहा एलिवेटेड हाईवे जुलाई तक खोल दिया जाएगा। इस हाईवे का निर्माण होने से वाहन चालक मुरथल से जींद तक का सफर सवा घंटे में तक कर सकेंगे।
हाईवे का निर्माण 799 करोड़ रुपये से किया जा रहा है। यह काम करीब 96 फीसदी पूरा हो चुका है। इस पर बना ड्रेनेज सिस्टम काफी जर्जर हो चुका है। एनएचएआई की ओर से ड्रेनेज सिस्टम को सुधारने के लिए कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है।
पानी निकासी के लिए बनाए गए ड्रेनेज सिस्टम जगह-जगह से टूटे हुए हैं। हाईवे के आसपास सफाई नहीं होने की वजह से खरपतवार उग रहे हैं। ड्रेनेज सिस्टम मिट्टी से अटे होना यह दर्शाता है कि इसकी सफाई और मरम्मत की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ड्रेनेज लाइन कई स्थानों से टूटने के कारण पानी का बहाव रुक गया है।
जलभराव से ट्रैफिक और संरचना को खतरा
फ्लाईओवर के नीचे और बगल की सड़क पर लगातार पानी भर रहा है। यह पानी यातायात के लिए खतरा है। साथ ही फ्लाईओवर की नींव को भी कमजोर कर सकता है।
स्थानीय निवासियों में रोष
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन से कई बार शिकायत की गई है, मगर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने मांग की कि बारिश का सीजन शुरू होने से पहले नालों की सफाई करवा कर उनकी मरम्मत करवाई जाए, ताकि जलभराव और हादसों से बचाव हो सके।
एनएच-352ए पर जगह-जगह टूटे हुए ड्रेनेज सिस्टम की जानकारी है। एनएच पर निर्माण जारी है। जल्द ही ड्रेनेज सिस्टम को दुरुस्त कराया जाएगा। ड्रेनेज सिस्टम के आसपास उगे हुए खरपतवार को हटाया जाएगा। -जगभूषण शर्मा, परियोजना निदेशक, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण
फोटो 13: सोनीपत के एनएच-352ए पर टूटा हुआ ड्रेनेज सिस्टम। संवाद
फोटो 13: सोनीपत के एनएच-352ए पर टूटा हुआ ड्रेनेज सिस्टम। संवाद
फोटो 13: सोनीपत के एनएच-352ए पर टूटा हुआ ड्रेनेज सिस्टम। संवाद