संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (यूएचएसआर) के एनाॅटमी विभाग के हॉल में शनिवार को दो दिवसीय कार्यशाला हुई। इसका विषय पिन्ना से पेट्रस तक ओटोरहिनो लैरिंगोलॉजी (नाक, कान, गला विभाग संबंधी) में सटीकता रहा। इसमें ईएनटी की नवीनतम तकनीकों पर चर्चा हुई।
कार्यशाला एनाॅटमी विभाग और जैन नेक्स्ट संस्था की ओर से हरियाणा मेडिकल काउंसिल के तत्वाधान में हुई। डॉ. विकास कक्कड़ ने बताया कि जीनेक्स्ट ईएनटी सर्जन्स की यह पांचवीं कार्यशाला थी। इसमें मुख्य अतिथि के तौर पर पीजीआई के निदेशक डॉ. एसके सिंघल उपस्थित रहे।
उन्होंने बताया कि ईएनटी में भी अब कई स्पेशलिटी आ रही हैं। कार्यशाला के दौरान ओटोराइनोलैरिंगोलोजी में सटीकता में निपुणता पर प्रशिक्षण दिया गया। कार्यशाला में जम्मू कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, दिल्ली व महाराष्ट्र से चिकित्सक शामिल हुए।
वहीं काॅन्फ्रेंस में इराक से आए चिकित्सकों ने भी हिस्सा लिया व ईएनटी के क्षेत्र में आई नवीनतम तकनीक से खुद को अपडेट किया। कार्यशाला के समापन पर प्रशिक्षुओं को विशेषज्ञों की तरफ से फीडबैक दी जाएगी। इसके साथ ही प्रमाणपत्र भी वितरित किए जाएंगे।
कार्यशाला के दौरान हरियाणा मेडिकल काउंसिल के रजिस्ट्रार डॉ. मनदीप सचदेवा विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस दौरान डॉ. विकासदीप, डॉ. क्षितिज शाह, डॉ. अमित और डॉ. संदीप ने टेम्पोरल बोन डिसेक्शन का प्रदर्शन किया। इस मौके पर डॉ. एसपीएस यादव, डॉ. ओपी सचदेवा, डॉ. पद्म सिंह, डॉ. रमन शर्मा, डॉ. विनीत पांचाल व अन्य उपस्थित रहे।