फोटो 37 : सोनीपत के मिमारपुर घाट पर यमुना में स्नान करते श्रद्धालु। संवाद
सोनीपत/गन्नौर। कार्तिक पूर्णिमा पर यमुना नदी व सतकुंभा तीर्थ धाम पर आस्था और भक्ति का सागर उमड़ पड़ा। तड़के चार बजे से ही श्रद्धालु सतकुंभा के पवित्र कुंड व यमुना नदी पर स्नान के लिए पहुंचने लगे। मिमारपुर, बेगा, गढ़मिरकपुर, बख्तावरपुर व अन्य घाटों पर भीड़ रही।
कार्तिक पूर्णिमा पर पवित्र नदियों में स्नान करने का व मेले का श्रद्धालुओं ने लुत्फ उठाया। सुबह चार बजे से ही क्षेत्र की महिलाओं व पुरुषों ने ट्रैक्टर, मोटरसाइकिल, कार से यमुना नदी पर पहुंचना शुरू कर दिया था। ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारु रूप से चलाने के लिए अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की भी तैनाती इन मार्गों पर की गई थी।
हर ओर जय सतकुम्भा के जयघोष गूंजते रहे। श्रद्धालुओं ने कुंड में डुबकी लगाकर आशीर्वाद प्राप्त किया और सुख-शांति की कामना की। पीठाधीश्वर महंत राजेश स्वरूप महाराज ने कहा कि कार्तिक पूर्णिमा पर सतकुंभा कुंड का जल अमृत समान हो जाता है, जिसमें स्नान करने से गंगा-जमुना सरस्वती का पुण्य प्राप्त होता है।
मेले में दिनभर अखंड भंडारा चलता रहा, जिसमें अहीर माजरा, खेड़ी गुर्जर और बिलंदपुर के स्वयंसेवकों ने सेवा दी।