फोटो - धनाना गांव में स्थित प्राचीन शिव मंदिर। संवाद
गोहाना। क्षेत्र में सावन के पहले सोमवार को शिवालयों में भगवान शिव के जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। धनाना गांव के 355 वर्ष पुराने शिव मंदिर में ब्रह्म मुहूर्त से विशेष पूजा-अर्चना, हवन और भजन-कीर्तन किया गया। श्रद्धालुओं को देसी घी का हलवा और बूंदी का प्रसाद वितरित किया गया। वहीं 11 अगस्त को महाशिवरात्रि के आयोजन को लेकर मंदिर कमेटी ने तैयारियां भी शुरू कर दी हैं।
सावन के पहले सोमवार पर क्षेत्र के शिवालयों को विशेष रूप से सजाया गया और भगवान शिव के पूजन की विशेष व्यवस्थाएं की गईं। श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक कर सुख-शांति और समृद्धि की कामना की। कई मंदिरों में भजन-कीर्तन का आयोजन भी हुआ।
धनाना गांव स्थित शिव मंदिर में सुबह ब्रह्म मुहूर्त में हवन के बाद भगवान शिव का विशेष पूजन किया गया। मंदिर के पुजारी पंडित राजेश शास्त्री ने बताया कि सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रही। श्रद्धालुओं को देसी घी से तैयार हलवा और बूंदी का प्रसाद वितरित किया गया।
पंडित राजेश शास्त्री ने बताया कि धनाना का शिव मंदिर करीब 355 वर्ष पुराना है और क्षेत्र की प्रमुख आस्था का केंद्र माना जाता है। मंदिर को भगवान शिव के सिद्ध पीठों में शामिल माना जाता है। यहां आसपास के गांवों के अलावा विभिन्न शहरों से भी श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। मान्यता है कि सच्चे मन से मांगी गई मनोकामना यहां पूरी होती है।
महाशिवरात्रि पर लगेगा मेला
11 अगस्त को महाशिवरात्रि पर मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना और मेले का आयोजन होगा। इसे लेकर मंदिर कमेटी ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। महाशिवरात्रि पर देश-प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु पहुंचते हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए मंदिर कमेटी के साथ पुलिस प्रशासन भी व्यवस्था संभालेगा।
फोटो - धनाना गांव में स्थित प्राचीन शिव मंदिर। संवाद