फोटो 07: सोनीपत के लघु सचिवालय में रोष जताते गांव गढ़ मिरकपुर के ग्रामीण व अन्य। संवाद
सोनीपत। गांव गढ़मिरकपुर में जमीन पर प्रशासन की ओर से की गई कब्जे की कार्रवाई के विरोध में ग्रामीणों ने लघु सचिवालय में प्रदर्शन किया। उनका आरोप था कि किसानों को बिना नोटिस दिए शामलात की करीब 154 एकड़ जमीन पर कब्जा ले लिया गया। प्रदर्शन कर रहे किसानों का नेतृत्व मनजीत तिहाड़ा ने किया।
बुधवार को एसडीएम को सौंपे ज्ञापन में ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि अधिकारियों व गांव पंचायत ने ग्रामीणों को बिना सूचना दिए कब्जा कर लिया है। ग्रामीणों ने इस संबंध में संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना था कि वर्ष 1966 में गांव की पंचायती जमीन का बंटवारा हो चुका है। इसमें कुछ जमीन नहर पार खेतों के रूप में ग्रामीणों को उपयोग के लिए दी गई थी। तब से लेकर ग्रामीण उस जमीन पर खेती कर रहे हैं। आरोप है कि अब पंचायत और प्रशासन के कुछ अधिकारी बिना किसी वैधानिक सूचना या आदेश के 154 एकड़ जमीन पर कब्जा कर वहां निर्माण व अन्य गतिविधियां करवा रहे हैं।
कब्जे की कार्रवाई को रोकने की मांग
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से आग्रह किया कि इस प्रक्रिया को तुरंत रोका जाए। संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने चेताया है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो वह न्याय के लिए आगे आंदोलन करेंगे।
सरपंच बोले-कार्रवाई नियमानुसार हुई
गढ़मिरकपुर के सरपंच पवन कुमार ने बताया कि ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन बेवजह किया है। जिस जमीन पर कब्जे की कार्रवाई की गई है वह शामलात की जमीन है। प्रशासन ने यह भूमि ग्राम पंचायत को सौंप दी है।