संवाद न्यूज एजेंसी
खरखौदा। बुढ़ापा सम्मान भत्ते को लेकर बुधवार को तहसीलदार बिजेंद्र नांदल को क्षेत्रवासियों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से बुढ़ापा सम्मान भत्ता न काटने और पैसों की रिकवरी नहीं करने की मांग रखी गई।
विकेश दहिया, कृष्ण, सतबीर, बिजेंद्र, सत्यवान, भगत सिंह ने कहा कि हरियाणा सरकार ने 1987 में वृद्धावस्था सम्मान भत्ता (बुढ़ापा पेंशन) शुरू की थी। तब से लेकर दिसंबर 2025 तक ये सम्मान सुचारु रूप से मिल रहा था। उसके बाद हरियाणा सरकार ने आय के आधार पर हजारों बुजुर्गों की पेंशन काट दी।
60 साल उम्र से पहले जिनकी पेंशन बनी थी उनके पास अब रिकवरी के नोटिस आ रहे हैं। जिन बुजुर्गों की पेंशन 65 साल के बाद बनी है पहले उनको पांच साल का भत्ता दें। अगर फिर भी पैसों की रिकवरी करनी है तो जिन अधिकारियों ने बिना तथ्य जांच किए पेंशन बनाई है उनसे की जाए। बुजुर्गों ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि बुजुर्गों के सम्मान भत्ता को आय के आधार पर न देखकर सम्मान के आधार पर सबकी पेंशन बहाल करें और कोई भी पैसों की रिकवरी न की जाए।