पेंशन बहाली संघर्ष समिति के बैनर तले शनिवार को विभिन्न विभागों के अधिकारी व कर्मचारी लघु सचिवालय पहुंचे। यहां सभी ने पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। इसके बाद संघर्ष समिति के जिला संयोजक वीरेंद्र वर्मा व जिला प्रधान सोमदत्त के नेतृत्व में मुख्यमंत्री मनोहर लाल, उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला व पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नाम नगराधीश डॉ. अनमोल को ज्ञापन सौंपा।
प्रदेश के मुख्य सलाहकार प्रमोद ईष्टकान व प्रदेश उपाध्यक्ष देवराज ने कहा कि अगर सरकार ने पुरानी पेंशन बहाल नहीं की तो कर्मचारी आगामी विधानसभा चुनाव में हिमाचल की तरह सरकार बदलने का काम करेंगे। वीरेंद्र वर्मा व सोमदत्त ने कहा कि पेंशन बहाली संघर्ष समिति संबंधित नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम के प्रयास से चार राज्यों राजस्थान, छत्तीसगढ़, झारखंड व पंजाब में पुरानी पेंशन नीति बहाल हो चुकी है। सभी संगठनों ने गठबंधन सरकार से प्रदेश में आगामी शीतकालीन सत्र में पुरानी पेंशन नीति को बहाल करने की मांग मांग की। उन्होंने सरकार को चेताया कि अगर शीतकालीन सत्र में पुरानी पेंशन बहाल नहीं की गई तो संघर्ष समिति 26 फरवरी 2023 को बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेगी।
इस मौके पर जिला उपाध्यक्ष रमेश कुमार, संगठन सचिव नीलम हुड्डा, प्रोफेसर अजय दहिया, नरेंद्र शास्त्री, गीता, कर्ण शर्मा, मंजीत, ब्लॉक गोहाना के संयोजक दीपक लठवाल, अध्यक्ष दीपक राणा, उपाध्यक्ष आशीष, ब्लॉक गन्नौर के अध्यक्ष राकेश कुमार, रामदास, सचिव महेंद्र सैनी, सतीश, सुनील मलिक, अमरजीत, कृष्ण कादियान, एनके यादव, अजीत चंदेलिया, प्रोफेसर प्रवीण मान, नरेंद्र मलिक, महावीर गहलावत, अनूप गहलावत, रूपचंद, मुकेश, हरिओम, रणजीत, गौरव, जितेंद्र, प्रदीप, रोहित, दीपिका, पूनम, शिल्पी, कुसुम डांगी, सुशील, दिलबाग, राकेश राठी, प्रदीप, रोशन, नसीब, राजेश, सुरेंद्र व कृष्ण मौजूद रहे।