सोनीपत। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की ओर से दिल्ली-कटरा एक्सप्रेस वे के निर्माण किया जा रहा है। इसके चलते प्रभावित किसानों ने उपायुक्त को शिकायत करते हुए कहा कि निर्माणाधीन एक्सप्रेस वे की वजह से खेतों में जाने वाले रास्ते में अड़चन पैदा की जा रही है। निकासी के प्रबंध भी नहीं है। इस मामले में उपायुक्त डाॅ. मनोज कुमार ने लघु सचिवालय में बुधवार को किसानों व एनएचएआई के अधिकारियों के साथ बैठक की। ठेकेदार को निर्देश दिए गए कि वह किसानों की सुविधा का ध्यान रखते हुए चकबंदी योजना के तहत खेतों में पहुंचने पूरा मार्ग दें और साथ ही पानी की निकासी के प्रबंध भी किए जाएं।
उपायुक्त ने कहा कि अगर किसी किसान का खेत रोड के दोनों तरफ है तो उसे दूसरी तरफ भी रास्ता दिलवाएं। इसके लिए या तो एनएचएआई अपनी जमीन से रास्ता दे या जरूरत पड़ने पर जमीन को खरीदें। उन्होंने कहा कि अगर राजस्व रिकाॅर्ड में अगर किसी किसान का रास्ता तीन कर्म का है तो उसे तीन कर्म का ही रास्ता मिला चाहिए। अगर किसी का दो कर्म का रास्ता है तो उसे दो करम का रास्ता मिलना चाहिए। गांव गिवाना के सरपंच की पानी निकासी की समस्या पर उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह इस जगह का मौका मुआयना करें और जो भी प्रबंध करना हो उसे तुरंत करें ताकि वहां पानी जमा न हो। उन्होंने कहा कि सभी रास्तों के लिए बने पुलों में पानी निकासी का लेवल सही होना चाहिए और वहां पर ड्रेन का निर्माण भी करें। अगर बारिश के समय में जरूरत पड़े तो वहां पानी की निकासी के लिए पंपों की भी व्यवस्था करें। उन्होंने गांव रूखी के सरपंच की शिकायत पर एनएचआई अधिकारियों को निर्देश दिए कि बारिश के समय गांव के पानी की निकासी के लिए उचित प्रबंध करें। इसके अलावा वहां खेतों के लिए बनाई गई पुलिया का लेवल भी ठीक करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने गांव पुठी, ठसका, बुटाना खेतलान के किसानों की भी समस्याएं सुनते हुए उनके समाधान के निर्देश दिए। इस मौके पर जिला राजस्व अधिकारी हरिओम अत्री सहित एनएचआई के अधिकारी व विभिन्न गांवों के किसान मौजूद रहे।