नई दिल्ली। देशभर में बेटों से अधिक बेटियां उच्च शिक्षा की पढ़ाई के प्रति उत्साहित हैं। यह खुलासा बृहस्पतिवार को जारी उच्च शिक्षा पर अखिल भारतीय सर्वेक्षण (एआईएसएचई) 2021-2022 की रिपोर्ट में हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार कुल 4.33 करोड़ नामांकन में 2.07 करोड़ छात्राएं हैं। महिला नामांकन में पिछले नौ सालों (2014-15 से) में 32 फीसदी तक का इजाफा हुआ है। वहीं, सकल नामांकन अनुपात (जीईआर) 28.4 फीसदी तक पहुंच गया है। लड़कों के मुकाबले लड़कियों का अनुपात लगातार पांचवें वर्ष आगे रहा। खास बात यह है कि एससी छात्रों के नामांकन में 44 फीसदी तक वृद्धि हुई है। 2020-21 में उच्च शिक्षा में कुल नामांकन 4.14 करोड़ था। इस हिसाब से नामांकन में कुल 19 लाख की वृद्धि हुई है। ओबीसी वर्ग में भी छात्रों का नामांकन 1.63 करोड़ तक पहुंच गया है। 2014-15 की तुलना में इसमें 45 फीसदी की वृद्धि हुई है।
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एससी वर्ग में 44 फीसदी की वृद्धि
उच्च शिक्षा में विभिन्न सरकारी योजनाओं और जागरूकता के कारण एससी छात्र और छात्राओं की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। 2014-15 में 46.07 लाख छात्र पंजीकृत थे। 2021-22 में यह आंकड़ा 66.23 लाख तक पहुंच गया है। यानी करीब 44 फीसदी की वृद्धि हुई है। इसी तरह एससी वर्ग में भी महिला छात्राओं की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। 2020-21 में यह आंकड़ा 29.01 लाख था और अब 2021-22 में यह 31.71 लाख तक पहुंच गया है।
एसटी वर्ग के नामांकन में 65.2 फीसदी वृद्धि
एसटी छात्रों का नामांकन 2014 में 16.41 लाख था। जो वर्ष 2021 में बढ़कर 27.1 लाख तक पहुंच गया है। इसका मतलब है कि करीब 65.2 फीसदी की वृद्धि हुई है। वहीं, एसटी महिला छात्राओं का नामांकन 2021 में 13.46 लाख हो गया है। जबकि वर्ष 2014 से अब तक 80 फीसदी रिकार्ड वृद्धि हुई है।
अल्पसंख्यक वर्ग में बेटियां अभी भी पीछे
अल्पसंख्यक वर्ग के तहत उच्च शिक्षा में 30.1 लाख छात्र पढ़ाई कर रहे हैं। हालांकि, वर्ष 2014 में यह आंकड़ा 21 लाख (38 फीसदी की बढ़ोतरी) ही था। वहीं, इस वर्ग की बेटियां अभी भी लड़कों के मुकाबले पीछे हैं। बेटियों की संख्या 15.2 फीसदी तक पहुंच गयी है। वर्ष 2014 की तुलना करें तो यहां 42.3 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। क्योंकि उस समय सिर्फ 10 लाख बेटियां ही दाखिला ले पाई थी।
यूजी में कला तो पीजी में सामाजिक विज्ञान में सबसे अधिक नामांकन
रिपोर्ट के अनुसार कुल छात्रों में से लगभग 78.9 फीसदी छात्र स्नातक प्रोग्राम (यूजी) के विभिन्न पाठ्यक्रम की पढ़ाई कर रहे है। जबकि स्नातकोत्तर (पीजी) में यह आंकड़ा 12.1 फीसदी है।
स्नातक में नामांकन
स्ट्रीमनामांकन% में
कला- 34.2
विज्ञान-14.8
वाणिज्य-13.3
इंजीनियरिंग11.8
स्नातकोत्तर में नामांकन
स्ट्रीम-नामांकन% में
सामाजिक विज्ञान-21.1
विज्ञान -14.7
पीएचडी नामांकन में 81.2 फीसदी की बढ़ोतरी
पीएचडी नामांकन में 2014-15 की तुलना में 81.2 फीसदी बढ़ोतरी हुई है। इसमें 2.12 लाख छात्र पंजीकृत हैं। वहीं, इस वर्ग में महिला शोधार्थियों की संख्या 2014-15 से 0.48 लाख से दोगुनी होकर 0.99 लाख हो गई है। यानी 10.4 फीसदी महिला शोधार्थी हैं।
देश के उच्च शिक्षण संस्थानों में यह सुविधाएं...
⦁ 99 फीसदी में पुस्तकालय
⦁ 88 फीसदी में प्रयोगशालाएं
⦁ 93 फीसदी में कंप्यूटर केंद्र
⦁ 71 फीसदी में कौशल विकास केंद्र
⦁ 91 फीसदी में खेल का मैदान