संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। देहरादून में ‘नशा मुक्त हरियाणा और खेलों को बढ़ावा’ देने के लिए हरियाणवी आर्टिस्ट चैंपियंस लीग के बाद शराब पार्टी के आरोप में गिरफ्तार बढ़खालसा निवासी योगेश दहिया ने पहले शराब पीने के आरोपों को गलत करार दिया। फिर, शाम को वीडियो मैसेज में बोले-मानता हूं गलती हो गई।
हरियाणवी कलाकार योगेश दहिया ने पहले दावा किया था कि उन्होंने न तो शराब पार्टी रखी थी, न ही बोतल लेकर पहुंचे थे। मैच के बाद कुछ युवकों ने कहा था कि वह उनके वीडियो देखते हैं। साथ फोटो लेना चाहते हैं। मैच जीत के जश्न के लिए युवकों ने टेबल पर बोतल रखी हुई थी। इसी को किसी ने वायरल कर दिया।
शनिवार देरशाम दहिया ने वीडियो मैसेज जारी कर कहा-मानता हूं कि मुझसे गलती हुई। मुझे स्टेडियम में मैच के बाद दारू नहीं पीना चाहिए था। मीडिया को नसीहत दी कि आपका काम है अच्छी चीज पेश करना। जो गलत पेश करोगे, वही देखकर लोग सीखेंगे। तुम पॉजिटिव भी तो दिखाओ।दावा किया कि उनके पीछे देश की मीडिया पड़ी है। यह सवाल भी किया कि क्या यूथ मुझे देखकर सीखता है? अगर सीखता है तो मैं दोनों टाइम जिम भी जाता हूं, यह क्यों नहीं सीखता?
15 सेकेंड के वीडियो से खुली पोल
योगेश के दावे का दम 15 सेकेंड के वीडियो ने निकाल दिया। इसमें वह कुछ युवकों के बीच खड़े दिखाई दे रहे हैं। उनके हाथ में शराब की बोतल भी दिखाई देती है। वीडियो में वह कोहनी से बोतल का ढक्कन खोलकर उसे ऊपर उठाते दिखाई दे रहे हैं। इसी दौरान पीछे से एक युवक बोलता है...‘वाह भाई वाह...के मारा है रै।’
-
वीडियो मैसेज जारी कर पूछा-क्या उत्तराखंड में हरियाणा वालों ने ठेके खोल रखे हैं?
एक वायरल वीडियो से कानूनी शिकंजे में फंसे योगेश दहिया ने शनिवार रात वीडियो मैसेज जारी किया। कहा, उत्तराखंड के न्यूज वाले यह डाल रहे हैं कि हरियाणा वाले आकर ऐसा करते हैं। क्या हरियाणा वालों ने उत्तराखंड में ठेके खोल रखे हैं? देहरादून में ठेके हरियाणा वाले खोल रहे हैं क्या? मैं नॉनवेज नहीं खाता। जो मांस, चिकन बनाते हो, क्या वो हरियाणा वाले बनाते हैं? देवभूमि उत्तराखंड सिर्फ तुम्हारी नहीं है? देहरादून भारत का है और भारत का मैं भी हूं। पूरे देश का मैं निवासी हूं। हरियाणा में भगवान नहीं हैं क्या? सिर्फ देहरादून में भगवान हैं या पंजाब और दिल्ली में भगवान नहीं हैं? तुम लोग देश का भट्ठा बैठाने में लगे हो। आधा उत्तराखंड हरियाणा और दिल्ली में नौकरी करता है। क्या हम भी कुछ गलती होने पर सीधा पुलिस में एफआईआर की मांग करने लगें?