सोनीपत। दूसरे बेटे के जन्म के बाद जिस घर में कल तक खुशियां ही खुशियां थीं वहां आज सीआरपीएफ जवान की हत्या के बाद गम ही गम है। परिवार में जहां उत्सव की तैयारी हो रही थी वहां अब मातम की चीखें सुनाई दे रही हैं। कृष्ण नवजात बेटे और पत्नी की अगवानी करने की तैयारी कर रहे थे, मगर उससे पहले ही घर से उनकी अर्थी उठ गई। हत्या की इस घटना ने गांव के हर शख्स को झकझोर दिया है।
गांव खेड़ी दमकन के 29 वर्षीय सीआरपीएफ जवान कृष्ण की गोली मारकर हत्या करने की वारदात ने जिले की कानून व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि गांव के ही दो युवकों ने डाक कांवड़ लाने के दौरान हुए मामूली विवाद में हत्या को अंजाम दिया। इससे गांव के लोग भी स्तब्ध हैं।
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पीछे कोई और बड़ी वजह होने की आशंका से भी इंकार नहीं किया जा रहा है। पिता बलवान की शिकायत पर पुलिस ने दो आरोपी अजय और निशांत के खिलाफ हत्या का मुकदमा तो दर्ज कर लिया है मगर उन तक अभी पुलिस नहीं पहुंच पाई है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने उनके रिश्तेदारों के यहां भी दबिश दी पर वे हाथ नहीं आए।
उधर, पोस्टमार्टम के बाद सीआरपीएफ जवान का शव गांव लाया गया। अंतिम संस्कार के दौरान हर किसी की आंखों में आंसू थे। गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस तैनात रही। पुलिस अधिकारियों ने परिजनों को भरोसा दिया है कि आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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चार टीमों को दी गई गिरफ्तारी की जिम्मेदारी
सहायक पुलिस आयुक्त ऋषिकांत ने बताया कि हत्या की वारदात को लेकर संदेह के सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में यही बात सामने आई है कि डाक कांवड़ यात्रा के दौरान हुए झगड़े की रंजिश में हत्या की गई है। चार टीमें आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगाई गईं हैं। दो सीआईए, एक-एक एसीपी और प्रभारी निरीक्षक की टीमें शामिल हैं।