- 612 परमिट जारी, 5 अक्तूबर तक पूरी हुई खरीद प्रक्रिया
संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। फसल अवशेष प्रबंधन योजना के तहत किसानों को सब्सिडी पर उपलब्ध कराए जा रहे कृषि यंत्रों की खरीद प्रक्रिया पूरी हो गई है। कृषि विभाग की रिपोर्ट के अनुसार जिले में जारी किए गए 612 परमिटों में से किसानों ने 471 कृषि यंत्रों की खरीदारी की है और उनके बिल विभागीय ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड कर दिए गए हैं।
अब अगला चरण भौतिक सत्यापन का होगा, जिसके लिए किसानों को अपने सभी संबंधित दस्तावेज सहायक कृषि अभियंता कार्यालय में जमा करवाने के निर्देश दिए गए हैं। कृषि उप निदेशक डॉ. पवन शर्मा ने बताया कि विभाग का उद्देश्य किसानों को पराली प्रबंधन के लिए आधुनिक तकनीक से जोडऩा है, ताकि खेतों में फसल अवशेष जलाने की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।
सितंबर-अक्तूबर में धान की कटाई के बाद खेतों में बचे अवशेष जलाए जाने से वायु और भूमि प्रदूषण बढ़ता है। इस समस्या के समाधान के लिए कृषि विभाग किसानों को सब्सिडी पर मल्चर, रोटावेटर, सुपर सीडर और हैप्पी सीडर जैसे आधुनिक कृषि यंत्र उपलब्ध करा रहा है।
1900 किसानों ने किए थे आवेदन
जिले में 1900 किसानों ने आधुनिक कृषि यंत्रों के लिए आवेदन किया था। इसके बाद 3 अगस्त को ड्राॅ प्रक्रिया पूरी की गई, जिसके तहत 645 कृषि यंत्रों पर सब्सिडी जारी करने का निर्णय लिया गया था। दस्तावेजों की जांच के दौरान 22 आवेदन अस्वीकृत कर दिए गए, जबकि कुछ मामलों में कागजात मिसमैच पाए गए। कृषि विभाग ने 645 में से 612 कृषि यंत्रों के परमिट जारी किए थे। इन यंत्रों पर विभाग की ओर से 50 प्रतिशत तक का अनुदान दिया जा रहा है।
5 अक्तूबर थी बिल अपलोड करने की अंतिम तिथि
कृषि विभाग ने किसानों को निर्देश दिया था कि वह 5 अक्तूबर तक अपने खरीदे गए कृषि यंत्रों के बिल पोर्टल पर अपलोड करें। निर्धारित समय सीमा में 471 किसानों ने अपने बिल जमा कर दिए हैं। अब कृषि विभाग दस्तावेजों की जांच कर फिजिकल वेरीफिकेशन प्रक्रिया शुरू करेगा ताकि किसानों को सब्सिडी का लाभ शीघ्रता से मिल सके।