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दिल्ली के आढ़ती से 50 लाख की रंगदारी मांगने वाले दो युवक काबू

Wed, 25 Nov 2015 12:27 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत
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कई बार सेठ से मिला था और यह भी पता था कि उसके और उसके बेटे के साथ पहले भी वारदात हो चुकी है। ऐसे में वो आसान टारगेट लगा। लगा कि इससे मोटा माल निकाला जा सकता है। बस इसी चक्कर में फोन कर दिया था। यह कहना है दिल्ली के आढ़ती से 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगने वाले एक आरोपी का। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को काबू किया है। दोनों युवक नई दिल्ली के रहने वाले हैं। खास बात यह है कि इनमें से एक आढ़ती को व्यक्तिगत रूप से जानता है। दोनों युवकों को मोबाइल फोन के जरिए काबू किया गया। गिरफ्तार आरोपी जितेंद्र उर्फ जतिन और जोनी निवासी दिल्ली है। दोनों को बुधवार को अदालत में पेश किया जाएगा। जहां से इनके रिमांड पर लिए जाने की उम्मीद है। बताया जा रहा है कि रिमांड पर लेकर कि युवकों के कब्जे से वारदात में प्रयुक्त मोबाइल और सिम बरामद किया जाएगा।
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यह दी थी शिकायत
विश्वबंधु आर्य निवासी मसद मोहल्ला ने 21 नवंबर को थाना शहर सोनीपत पुलिस को शिकायत दी थी। शिकायत में उसने बताया कि वह दिल्ली में आढ़त का काम करता है। आरोप लगाया कि बल्ली उर्फ विक्की तथा दीपक पांडेय नाम के दो युवकों ने उसके पास फोन किया था। फोन पर उन्होंने उसे डरा-धमकाकर 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई थी। विश्वबंधु के अनुसार 12 से 20 नवंबर के बीच उसे कई बार फोन कर रंगदारी मांगी गई है। पैसे न मिलने के एवज में जान से मारने की धमकी भी दी गई थी। शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया था।

केबल का काम है ट्रांसपोर्ट नगर में
आरोपियों में शामिल जितेंद्र उर्फ जितेन का ट्रांसपोर्ट नगर दिल्ली में केबल का काम है। इसी सिलसिले में वह कई बार ट्रांसपोर्ट नगर में जाता था। इसी दौरान विश्वबंधु आर्य से भी मुलाकात हुई थी। जबकि दूसरा आरोपी जोनी भी मेहनत-मजदूरी के काम करता है। लेकिन दोनों दोस्त थे और दोनों की मंशा जल्द पैसे कमाने की थी, इसीलिए इस तरह की गतिविधि में शामिल हुए।
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पता था पहले हुई थी वारदात, टीवी देख किया फोन
जितेंद्र और जोनी को पता था कि विश्वबंधु आर्य और उसके बेटे के साथ पहले भी एक बड़ी वारदात हो चुकी है। इसीलिए दोनों पिता-पुत्र पहले के मुकाबले अब काफी संभल कर रहते हैं। जितेंद्र ने साथी जोनी को इस बारे में बताया तो जोनी ने आइडिया सुझाया। जोनी ने टीवी में देखा था कि एक अपराधी जेल में बैठे-बैठे ही फोन कर रंगदारी मांगता है। इसी तर्ज पर पर जितेेंद्र ने जोनी के जरिए एक फर्जी आईडी पर सिम लिया। इस सिम से फोन कर विश्वबंधु को धमकाया और रंगदारी मांगी।

एक साल पहले हुई थी अपहरण की कोशिश
29 दिसंबर 2014 को दर्ज एफआईआर के अनुसार विश्वबंधु आर्य और उसके बेटे का कुछ लोगों ने अपहरण करने की कोशिश की थी। दोनों की गाड़ी में बहालगढ़ रोड पर दीवान फार्म हाउस के पास पुलिस की वर्दी पहने बदमाश जबरदस्ती सवार हुए थे। बहालगढ़ चौक पर लगे जाम का फायदा उठाते हुए गाड़ी से निकलने में कामयाब हो गए थे। मामले में एक बदमाश की गोली लगने से मौत हो गई थी। वहीं विजय तोमर नाम के व्यक्ति को भी बदमाश ने पांव में भी गोली मार दी थी। इस मामले में गाजियाबाद के एक नामी बदमाश का नाम सामने आया था।
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