हरियाणा के सोनीपत में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय पराशर की अदालत ने कैंटर और नकदी लूट के मामले में सुनवाई करते हुए तीन दोषियों को 10-10 साल कैद और 25-25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर एक साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
पंजाब के जिला संगरूर के दशमेश नगर निवासी पोरस ने 27 मई, 2019 को बरोदा थाना पुलिस को बताया था कि वह कैंटर चलाता है। वह 26 मई, 2019 को करीब आठ बने संगरूर से पेपर लोड करके राई के लिए चला था। जींद मार्ग से होते हुए जब वह देर रात एक बजे गांव नूरन खेड़ा के समीप पहुंचा था तो तीन बदमाशों ने कैंटर के सामने अपनी कार को अड़ा रोक लिया था।
कैंटर को रोकते ही कार सवार बदमाशों ने चाकू और डंडा से हमला कर दिया था। वह उससे 1500 रुपये की नकदी और कैंटर लूटकर भाग गए थे। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया था। मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गांव बुटाना निवासी प्रदीप उर्फ सीटू और सुमित को काबू कर लिया था। पुलिस ने लूटा गया कैंटर व नकदी बरामद कर ली थी। बाद में तीसरे आरोपी गांव बिचपड़ी निवासी राहुल उर्फ लालू को गिरफ्तार कर लिया था। आरोपियों को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया था।
मामले में सुनवाई के बाद एएसजे अजय पराशर की अदालत ने तीनों आरोपियों को दोषी करार दिया। सोमवार को अदालत तीनों को भादंसं की धारा 379बी में 10-10 साल कैद व 25-25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।