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खानपुर महिला विवि में छात्रा ने की खुदकुशी

Fri, 11 Nov 2016 12:43 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, गोहाना
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पुल‌िस जांच। - फोटो : sonipat
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खानपुर कलां स्थित भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय के हॉस्टल नंबर-14 में 19 वर्षीय बीबीए की एक छात्रा ने फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। इससे विश्वविद्यालय में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में पुलिस को सूचित किया गया। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर शव कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया। पुलिस ने परिजनों के बयान पर इत्तफाकिया मौत की कार्रवाई की है। वहीं, युवा महोत्सव कार्यक्रम में 18 नवंबर को सीएम के आगमन से पहले हुई इस घटना से विवि प्रशासन सकते में है। 
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छात्रा की मां दिल्ली केे नजफगढ़ निवासी ममता ने बताया कहा कि जमा दो की परीक्षा के दौरान से ही उसकी बेटी की कमर में दर्द रहता था। कई चिकित्सकों ने उसका ऑपरेशन करने की बात कही थी। इसके बाद से वह डिप्रेशन में रहने लगी थी। बुधवार रात को उसकी बेटी ने फोन करके बताया था कि उसकी कमर में तेज दर्द है। आज तड़के करीब छह बजे जब उसने अपनी बेटी को फोन किया तो उसने कहा कि अभी वह ठीक है। इसके बाद उसकी बहन की लड़की ने फोन करके कहा कि उसी तबियत ज्यादा खराब है। इसलिए वह उसे घर ले जाए। वह अपनी बेटी को घर ले जाने के लिए आई थी। उसे क्या पता था कि वह बेटी की जगह उसका शव लेकर जाएगी।

तड़के अहसास हो जाता तो बेटी को बचा लेती
मृतक छात्रा की मां ममता ने रोते हुए कहा कि जब तड़के 6 बजे उसकी अपनी बेटी से बात हुई तो उसे इस बात का जरा सा भी अहसास नहीं हुआ कि उसकी बेटी के मन में कुछ ओर ही चल रहा है। बाद में जब उसकी बहन की लड़की ने उसकी बेटी की हालत खराब होने की बात कही तो वह उसे लेने आ गई। उसे नहीं पता था कि बेटी बीमारी का कष्ट सहन नहीं कर पाएगी तथा ऐसा कदम उठा लेगी। 
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क्या कहती हैं चीफ वार्डन
विवि की चीफ वार्डन कृष्णा राठी ने बताया कि समय-समय पर छात्राओं की काउंसिलिंग की जाती है। ताकि कोई छात्रा किसी भी प्रकार के मानसिक दबाव में हो तो उसकी समस्या का समाधान किया जा सके। चीफ वार्डन ने बताया कि दोपहर को भी मृतक छात्रा की मौसेरी बहन उसके पास गई थी तथा उसका हालचाल पूछा था। छात्रा ने यह कदम क्यों उठाया कुछ कहा नहीं जा सकता है।

ये कहते हैं मनोचिकित्सक
बीपीएस मेडिकल कालेज के मनोचिकित्सक डॉ. मुकेश स्वामी का कहना है कि डिप्रेशन के रोगियों को परिवार के लोगों के बीच रखना चाहिए। समय-समय पर उनकी काउंसिलिंग की जानी चाहिए। ऐसे रोगी को कभी अकेला नहीं छोड़ना चाहिए। रोगी को ज्यादा से ज्यादा समय देना चाहिए।

महिला थाना प्रभारी कविता ने बताया कि मृतक छात्रा के भाई के बयान पर पुलिस ने इत्तफाकिया मौत की कार्रवाई की है। परिजनों के मुताबिक वह कई दिनों से मानसिक रूप से परेशान थी और डिप्रेशन में थी। उसका इलाज भी चल रहा था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया है। वहीं, घटनास्थल पर कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।
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