ढाबा संचालक से बातचीत करते एसडीएम निशांत यादव।
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जीटी रोड स्थित सरकारी जमीन पर अवैध रूप से चल रहे ढाबे को तोड़ने पहुुंचे बीडीपीओ की पीटाई कर दी। बीडीपीओ का आरोप है कि आरोपियों को पकड़ने के बाद भी पुलिस ने उन्हें भगा दिया। बीडीपीओ के साथ हुई मारपीट के बाद कई गांवों के सरपंच उनके पक्ष में आए और कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने मामले में असावरपुर के पूर्व सरपंच समेत दो पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जीटी रोड पर काफी समय से किंगफिशर नाम से सरकारी जमीन पर ढाबा चलाया जा रहा था। जमीन को पट्टे पर लिया दिखाया गया था, लेकिन प्रशासन की ओर से इसकी जांच करने पर इसे भी गलत पाया गया। सरकार की जमीन पर चल रहे ढाबे का हटवाने के लिए प्रशासन ने चार बार ढाबा संचालक और असावरपुर के पूर्व श्रीभगवान को नोटिस जारी किया था, लेकिन ढाबा ज्यों का त्यों चलता रहा। सोमवार को एसडीएम निशांत यादव की अगुवाई में प्रशासन की टीम कब्जा हटवाने पहुंची। इसके लिए बीडीपीओ राई प्रमोद को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया था। इसके बाद एसडीएम ढाबा संचालक से बातचीत कर वहां से चले गए और टीम ने ढाबा तोड़ना शुरू किया। जब कार्रवाई चल रही थी तो श्रीभगवान व अनूप ने उसका विरोध किया और बीडीओ के साथ दुर्व्यवहार मारपीट की। वहीं, मौका पाकर फरार हो गए। बीडीपीओ से मारपीट के बाद राई, मुरथल व गन्नौर के सरपंच उनके समर्थन में आए और आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की। बीडीपीओ प्रमोद ने बताया कि अवैध कब्जे को हटाने के लिए ही प्रशासन की टीम के साथ पुलिस भी मौजूद थी। उनका आरोप है कि पुलिस के होते हुए श्रीभगवान व अनूप ने उनके साथ मारपीट की। इतना ही नहीं आरोपियों को पकड़वा कर पुलिस को भी सौंप दिया था, लेकिन कुछ समय बाद ही आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बच निकले।
जीटी रोड पर ढाबा तुड़वाने के लिए बीडीपीओ प्रमोद के साथ पुलिस की टीम मौके पर गई थी। जहां कार्रवाई करते समय बीडीपीओ व ढाबा संचालक में कहासुनी हो गई जो बाद में मारपीट में बदल गई। मौका पाकर आरोपी वहां से फरार हो गए। पुलिस ने बीडीपीओ प्रमोद की शिकायत पर श्रीभगवान व अनूप के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
-ऋषिकांत शर्मा, थाना राई प्रभारी।