आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए उपायुक्त कार्यालय कार्यालय पहुंचे पवन त्यागी के परिजन व गढ़ी केसरी के ग्रामीण।
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पिछले माह गढ़ी केसरी शहीद चौक के निकट हुए केबल संचालक हत्याकांड के मामले में पुलिस के हाथ अब तक खाली हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से नाराज परिजन और ग्रामीण सोनीपत जिला उपायुक्त व एसपी कार्यालय में पहुंचे। इस दौरान उन्होंने जिला उपायुक्त और एसपी से मिलकर आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार करने की मांग की। इस पर उपायुक्त केएम पाडुरंग ने उन्हें आश्वासन दिया कि इस मामले में वह खुद संज्ञान ले रहे हैं और पुलिस प्रशासन को भी इस मामले में जल्द से जल्द कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए हैं।
लिखित में दी शिकायत
पवन त्यागी के भतीजे अमित त्यागी ने लिखित में शिकायत भी दी कि पुलिस प्रशासन द्वारा अभी तक आरोपियों को नहीं पकड़ा गया है। उन्होंने शिकायत में दिया कि इससे पूर्व वे डीएसपी गन्नौर को भी शिकायत दे चुके हैं और उन्होंने भी आश्वासन दिया था कि पवन के हत्यारों को जल्द ही पकड़ लिया जाएगा।
एसआईटी को जांच सौंपने की मांग
पवन त्यागी के भतीजे ने बुधवार को गढ़ी केसरी के ग्रामीणों के साथ जिला उपायुक्त एवं एसपी को शिकायत देते हुए कहा कि राहुल, गोपाल व तीन अन्य लोगों ने 23 दिसंबर को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया था। उनको पकड़ने के लिए पुलिस द्वारा तीन टीम गठित की थीं, लेकिन अभी तक कोई हत्यारे का सुराग नहीं लग सका है। इसकी जांच एसआईटी से कराई जाए, ताकि हत्यारोपियों को पकड़ा जा सके। उन्होंने शिकायत में कहा कि जब तक उनके चाचा के हत्यारे पुलिस की पकड़ से बहार हैं तब तक उन्हें भी डर है कि कभी उन पर भी कोई हमला न हो जाए।
ये था मामला
गांव गढ़ी केसरी निवासी पवन त्यागी गांव में केबल संचालक था। उसने गढ़ी केसरी शहीद चौक पर अपना कार्यालय का बना रखा था। पवन गत 23 दिसंबर को रात करीब आठ बजे अपने कार्यालय पर बैठा था। इसी दौरान आई-20 कार सवार चार युवक उसके पास पहुंचे। युवकों ने पवन को कार्यालय से बाहर बुला लिया। इसके बाद पवन उनके साथ अपनी गाड़ी में बैठकर उनसे बातचीत करने लगा। कुछ देर बाद गाड़ी के अंदर अचानक गोलीबारी शुरू हो गई। गोलीबारी में पवन व दूसरे पक्ष से जींद के गांव जुलाना का रहने वाले प्रदीप की मौत हो गई थी। इसके बाद मृतक पवन त्यागी के भतीजे नितिन त्यागी ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई कि वर्ष 2010 में उसके ताऊ रामरूप की खेड़ी तगा निवासी नवीन व सोनू व सरढ़ाणा निवासी शीला ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके आरोप में तीनों आरोपियों को उम्र कैद की सजा हो चुकी है। उसके ताऊ रामरूप की हत्या के मामले में उसके चाचा पवन मुख्य गवाह थे।
इस मामले में समझौते के लिए सोनू व नवीन ने गुमड़ निवासी संदीप उर्फ काला के माध्यम से उसके चाचा पवन पर दबाव डलवाया गया था, लेकिन उसके चाचा पवन ने समझौता करने के लिए मना कर दिया था तो उन्होंने उसके चाचा पवन को जान से मारने की धमकी दी थी। इसी की रंजिश रखते हुए उक्त सभी आरोपियों ने उसके चाचा की गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने नितिन त्यागी की शिकायत पर उक्त सभी आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया था।