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एससी-एसटी आयोग ने खारिज की गोविंदा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट

Mon, 26 Oct 2015 11:43 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत
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गोहाना के दलित युवक गोविंदा की मौत के मामले में प्रदेश सरकार और पुलिस की मुश्किल बढ़ती जा रही है। सोमवार को एससी-एसटी आयोग ने पुलिस द्वारा दी गई एक्शन टेकन रिपोर्ट को न केवल खारिज कर दिया, बल्कि पीजीआई रोहतक के मेडिकल बोर्ड द्वारा तैयार की गई पोस्टमार्टम को भी मानने से इंकार कर दिया। आयोग ने साफ किया है कि न तो पुलिस के पास अब तक इसका कोई गवाह है कि गोविंदा ने सुसाइड किया है साथ ही बोर्ड द्वारा पोस्टमार्टम कराने के लिए ली गई सहमति का भी पुलिस जवाब नहीं दे सकी है। आयोग ने मामले की जांच के लिए बनाई गई एसआईटी की जांच को भी मानने से इंकार करते हुए इसके निर्माण पर प्रश्नचिन्ह लगाया। अब 16 नवंबर को आयोग ने समन जारी करके डीसी व एसपी के साथ आईजी रोहतक रेंज को भी तलब किया है।
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दलित युवक गोविंदा की मौत के मामले को लेकर एससी-एसटी आयोग ने सोमवार को सोनीपत के डीसी और एसपी को दिल्ली मुख्यालय पर तलब कर रखा था। साथ में मृतक गोविंदा की मां संजीत और बड़े भाई गौतम को भी बुलाया था। गोविंदा की मां और उसका बड़ा भाई तो आयोग के समक्ष उपस्थित हुए, लेकिन डीसी जहां पारिवारिक कारणों के चलते नहीं जा सके वहीं एसपी चंडीगढ़ में व्यस्त होने के चलते उपस्थित नहीं हो सके। डीसी की ओर से एसडीएम जगनिवास और एसपी की ओर से डीएसपी विनोद आयोग के सामने पेश हुए।

नहीं दे पाए अधिकारी जवाब
आयोग : गोहाना के दलित युवक गोविंदा की मौत कैसे हुई।
पुलिस : गोविंदा का शव घर में मिला। पोस्टमार्टम में मेडिकल बोर्ड की ओर से यह बताया गया है।
आयोग : बोर्ड से पोस्टमार्टम कराने की क्या जरूरत पड़ गई।
पुलिस : मृतक के भाई गौतम की सहमति और जांच में पारदर्शिता लाने के लिए फैसला किया गया।
आयोग : पुलिस के पास लिखित में कोई सहमति पत्र है।
पुलिस : मृतक के भाई गौतम के हस्ताक्षर हैं।
आयोग : गौतम से, यह हस्ताक्षर आपके हैं।
गौतम : नहीं, जनाब, मैं तो अनपढ़ हूं। अंगूठा लगाता हूं।
आयोग : पुलिस से सहमति पत्र को कब्जे में लेते हुए फिर ये हस्ताक्षर किसने किए।
पुलिस : कोई जवाब नहीं।
आयोग : एएसआई अशोक की ड्यूटी उस समय कहां थी।
पुलिस : थाने की बजाए, शहर की सीमा पर।
आयोग : जब गौतम अपने भाई गोविंदा को थाने में सौंपकर आया, उस समय अशोक थाने में था।
पुलिस : जांच के बाद पता चलेगा।
आयोग : एसआईटी से जांच करने के लिए किसने कहा।
पुलिस : मामले में निष्पक्षता रखने के लिए। पड़ोसी जिले रोहतक के अधिकारियों को किया एसआईटी में शामिल।
आयोग : कोर्ट या आयोग ने इसके लिए कहा था।
पुलिस : नहीं
नोट : सवाल-जवाब एससी-एसटी आयोग के सदस्य ईश्वर सिंह द्वारा दी गई सूचना के आधार पर।

एसडीएम का मोबाइल बंद, डीएसपी चंडीगढ़ में व्यस्त
पूरे मामले में पुलिस और प्रशासन का पक्ष जानने के लिए आयोग के सामने पेश हुए एसडीएम गोहाना जगनिवास से संपर्क किया गया तो उनका मोबाइल नंबर बंद मिला। वहीं, डीएसपी विनोद ने बताया कि वे चंडीगढ़ डीजीपी की मीटिंग में व्यस्त हैं।
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यह रहा मामला
गोहाना के देवीनगर निवासी 15 वर्षीय गोविंदा का शव 22 अक्टूबर की सुबह एक मकान में मिला। भाई गौतम ने बताया कि गोविंदा और उसके एक साथी का नाम चोरी के एक मामले में आ रहा था। पुलिस ने गोविंदा को पूछताछ के लिए बुलाया था। गौतम का कहना था कि वह खुद उसे थाने में छोड़कर आया था। अगले दिन गोविंदा का शव मिला। आरोप है कि पुलिस ने गोविंदा की हत्या कर दी और शव को घर के पास एक मकान में फेंककर चले गए। पुलिस ने दो एएसआई के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर रखा है। मामले को लेकर परिजनों ने तीन घंटे तक बरोदा रोड व रोहतक-पानीपत रेलवे लाइन जाम किए रखा। एससी-एसटी आयोग के सदस्य ईश्वर सिंह ने गोहाना पहुंच कर 26 अक्तूबर को डीसी व एसपी को रिपोर्ट लेकर तलब किया था।
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