एडीजे तृतीय की कोर्ट में सोमवार दोपहर पेशी के दौरान पत्नी से न मिलने दिए जाने और खाना न खिलाए जाने पर खफा गढ़िया रंगीन थाना क्षेत्र के शातिर अपराधी ब्रजेश सिंह ने बंदी रक्षक सिपाही को पीट दिया और उसके वर्दी की सीटी डोरी और बैच खींच लिया। इससे कोर्ट परिसर में अफरातफरी और भगदड़ मच गई। सूचना मिलते ही तत्काल पुलिस लाइन से सादी वर्दी में रिजर्व फोर्स के जवान भेजे गए। सदर बाजार कोतवाली प्रभारी जेपी तिवारी अतिरिक्त पुलिस बल लेकर तत्काल मौके पर पहुंचे और हालात को नियंत्रित किया। इस प्रकरण पर गंभीर संज्ञान लेते हुए एडीजे तृतीय भानुदेव शर्मा ने एसपी को अभियुक्तों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने एवं कोर्ट में नियत तिथि पर उन्हें समुचित सुरक्षा में पेश करने को लिखा है। इस प्रकरण में विचाराधीन बंदी ब्रजेश के खिलाफ अभिरक्षा से भागने, बंदी रक्षक से अभद्रता करने आदि के मामले में आईपीसी की धारा 224, 332 और 353 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।
गढ़िया रंगीन थाना क्षेत्र में 28 दिसंबर 2014 को छोटे सिंह की हत्या के मामले में अपने भाई ओम प्रकाश सिंह, मनोज सिंह, भृंगराज सिंह और विकास सिंह के साथ जेल में बंद ब्रजेश सिंह सोमवार दोपहर पुलिस अभिरक्षा में कोर्ट में पेशी पर लाया गया। इनकी अपर सत्र न्यायाधीश के समक्ष में गवाही हो चुकी थी। उसी दौरान कोर्ट परिसर में ब्रजेश को देने के लिए घर से कुछ सामान लेकर उसकी पत्नी भी पहुंच गई थी। परिसर में तब विभिन्न मामलों में पेशी के लिए कुल 141 बंदी लाए जा चुके थे। पेशी में समय लगने का हवाला देकर ब्रजेश ने बंदी रक्षक सिपाही सचिन कुमार से पहले मोबाइल पर पत्नी से बात कराने को कहा और न किए जाने पर नाराजगी जाहिर की। फिर बोला कि पेशी पूरी होने में अभी काफी वक्त है और तब तक के लिए पत्नी से एकांत में मिलने दिया जाए और उसके एवज में जो चाहिए मिल जाएगा। सिपाही ने इंकार किया तो यह आगबबूला हो उठा और सिपाही को पीट दिया। सिपाही ने फिर भी हथकड़ी नहीं छोड़ी तो इसने सिपाही का वर्दी फाड़ने की कोशिश की और नाकाम रहने पर उसके वर्दी की सीट डोरी और बैच खींच लिया।
हालात ऐसे बने कि एक पल को लगा कि पेशी पर आए कुछ बंदी अभिरक्षा से भाग न निकलें। इसी के मद्देनजर कोर्ट में मौजूद सिपाही अपनी - अपनी अभिरक्षा वाले बंदियों को पकड़े रखने की जुगत में बने रहे। अतिरिक्त पुलिस फोर्स के साथ कोतवाल पहुंचे तो ब्रजेश को पकड़कर कोर्ट हवालात में डाला गया। फिर अंतिम बंदी की पेशी होने तक हवालात के बाहर फोर्स शाम तक मौजूद रही। सूचना पाकर मौके पर सीओ सिटी डॉ. कृष्ण गोपाल यादव भी पहुंचे। कोतवाल जेपी तिवारी ने बताया कि ब्रजेश शातिर अपराधी है और उसके खिलाफ 49 आपराधिक मामले दर्ज हैं एवं पुलिस की गिरफ्तारी से बचने को गत वर्ष दोहरे हत्याकांड को अंजाम देने के बाद उसने खुद पर गोली दागकर मूल घटना के बारे में गुमराह किया था।
विधायक से नाता होने का दावा
शाहजहांपुर (ब्यूरो)। पेशी के दौरान कोर्ट में सिपाही को पीटने वाले विचाराधीन बंदी ब्रजेश सिंह ने कोर्ट हवालात में बंद किए जाने के बाद मौजूद मीडियाकर्मियों से कहा कि उसका नाता क्षेत्र के विधायक से है। उसने अपना कुछ भी बांका न होने का दावा किया। कहा कि पेशी पर लेकर आए सिपाही ने खाना खिलाने के लिए रुपये ले लिए थे लेकिन खाना नहीं खिलाया और भूखे रखा तो गुस्सा आ गया तो उस पर हाथ छोड़ बैठा।
सिपाही ने एडीजे को दी अर्जी
शाहजहांपुर (ब्यूरो)। पेशी के दौरान बंदी ब्रजेश द्वारा मारपीट किए जाने की घटना के बाद पुलिस लाइन में तैनात बंदी रक्षक सिपाही सचिन कुमार ने एडीजे तृतीय भानुदेव शर्मा को अर्जी देकर इस प्रकरण में उचित कार्यवाही कराने का निवेदन किया। उसने अपने पत्र में लिखा है कि वह अभियुक्त ब्रजेश आदि की पेशी कराने की ड्यूटी पर था और अभियुक्तगण की गवाही चल रही थी। पेशी के बाद ब्रजेश आदि अभियुक्तों ने खाना न खिलाने को लेकर गाली गलौज और मारपीट की एवं लाकअप पर हंगामा खड़ा करने के साथ ही वर्दी की सीटी डोरी और बैच खींच लिया। इसी पर गंभीर संज्ञान लेते हुए एडीजे तृतीय ने एसपी को पत्र लिखा कि भविष्य में ऐसी घटना ना हो इसके लिए आगे से अभियुक्तों को हर नियत तिथि पर समुचित सुरक्षा में प्रस्तुत कराया जाना सुनिश्चित किया जाए।