पेपर सॉल्वर गैंग के सरगना से रिमांड के दौरान पूछताछ में एसटीएफ ने दो हजार कंप्यूटर चिन्हित किए हैं जिन्हें हैक कर पेपर सॉल्व कराए गए थे। अब टीम उन सभी कंप्यूटर की साइबर टीम से जांच करवाएगी। इतना ही नहीं आरोपी ने कुबूला है कि उसने कंप्यूटर हैक करने के लिए अलग से आईटी सेल बना रखी थी। रिमांड पूरा होने पर आरोपी को अदालत में पेश किया, जहां उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
एसटीएफ सोनीपत ने पेपर सॉल्वर गैंग के सरगना गांव शामड़ी निवासी रोबिन को गिरफ्तार कर सात दिन के रिमांड पर लिया था। दिल्ली पुलिस में सिपाही रोबिन आठ साल से पेपर सॉल्वर गैंग चला रहा है। वह ऑनलाइन परीक्षा में किराये पर लैब लेकर कंप्यूटर स्क्रीन हैक कर गड़बड़झाला करता था।
आरोपी ने एसटीएफ बताया है कि उसने 19 लैब में करीब दो हजार कंप्यूटर स्थापित कर रखे थे। जिनसे वह पेपर सॉल्व कराता था। पुलिस ने सभी कंप्यूटर चिन्हित कर लिए हैं। अब उनकी साइबर टीम से जांच कराकर सुबूत जुटाए जाएंगे।
कंप्यूटर हैक करने को बना रखी थी आईटी सेल
आरोपी ने एसटीएफ की पूछताछ में बताया है कि उसने कंप्यूटर हैक करने के लिए आईटी सेल बना रखी थी। जिसमें करीब 20 आईटी एक्सपर्ट शामिल किए गए थे। वह तुरंत स्क्रीन को हैक कर पेपर करा देते थे। आईटी सेल के सभी सदस्य कंप्यूटर हैक करने में पूर तरह माहिर थे।
रिश्तेदारों व परिचितों के भी पेपर सॉल्व कराए
एसटीएफ की पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी रोबिन ने अपने रिश्तेदारों व परिचितों के भी पेपर सॉल्व कराए हैं। उसने कई के नाम भी एसटीएफ को बताए हैं। अब एसटीएफ उनका पता लगाकर पूछताछ करेगी।
जेईई मेंस में 250 के पेपर सॉल्व कराने की बात कुबूली
एसटीएफ की पूछताछ में सॉल्वर गैंग के सरगना रोबिन ने पिछले दिनों हुए जेईई मेंस के पेपर में 250 छात्रों का पेपर सॉल्व कराने की बात कुबूल की है। जिनके बारे में आरोपी ने एसटीएफ को जानकारी दी है। पुलिस अब उनके बारे में पता लगाएगी।
गैंग सरगना की निशानदेही पर पेपर हैक करने में प्रयुक्त किए गए करीब दो हजार कंप्यूटर चिन्हित किए गए हैं। अब उनके बारे में गहनता से जांच के लिए साइबर की मदद ली जाएगी। साथ ही सामने आया है कि आरोपी ने परिचितों व रिश्तेदारों के भी पेपर सॉल्व कराए हैं। मामले में अन्य आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है। - इंस्पेक्टर सतीश देशवाल, प्रभारी, एसटीएफ, सोनीपत