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खाली हाथ उपभोक्ताओं ने निकाला कैंडल मार्च

Tue, 27 Oct 2015 11:56 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत
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प्रदेश ही नहीं, राष्ट्रीय स्तर पर हलचल पैदा करने वाले पीएनबी बैंक के सुरंग कांड को एक साल पूरा हो गया। बावजूद इसके अभी तक बैंक उपभोक्ताओं को अपनी खूनपसीने की कमाई नहीं मिल सकी है, जो उन्होंने बैंक के लॉकर में जमा कराई  थी। मंगलवार देर शाम उपभोक्ताओं ने शहर में कैंडल मार्च निकाला और साफ किया है कि अब तो अदालत से ही आखिरी उम्मीद है।
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शहर के पुराने अड्डे के नजदीक पीएनबी बैंक में 26 अक्तूबर 2014 की रात पुराना बस स्टैंड स्थित पंजाब नेशनल बैंक की मेन शाखा के 77 लॉकर तोड़े गए थे। चोरों ने इन लॉकरों को तोड़ने के लिए बैंक के साथ लगते एक खंडहरनुमा भवन से लॉकर रूम तक लगभग 90 फीट लंबी सुरंग बनाई और करोड़ों रुपये के जेवरात और नकदी निकालकर ले गए। पुलिस ने इस मामले में घटना के तीन दिन बाद दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था। जिनके पास से पुलिस ने लगभग 10 किलो सोना और हजारों की नकदी बरामद की थी। गिरफ्तार आरोपी सुरेंद्र उर्फ डॉक्टर उर्फ काला और बलराज उर्फ बल्लू कटवाल गांव के रहने वाले थे। इस मामले में खंडहरनुमा भवन के मालिक महिपाल से भी पूछताछ की गई थी। पुलिस महिपाल को आरोपी मान रही थी, लेकिन महिपाल ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली थी। लॉकरधारक नुकसान की भरपाई करने की मांग को लेकर लगभग एक महीने तक बैंक के बाहर धरने पर बैठे रहे। बाद में सीएम की तरफ से भाजपा के विधायक मनीष ग्रोवर ने उन्हें आश्वासन दिया था कि उनके नुकसान की भरपाई कराई जाएगी। इसके बाद ही लॉकरधारकों ने धरना समाप्त किया था, लेकिन आज तक  पीड़ित लॉकर धारकों का चोरी हुआ समान नहीं मिला।

इन लॉकर धारकों ने खोया बहुत कुछ
सुरेश गिरधर, धजाराम नरवाल, राजेश भाटिया, संदीप कालड़ा, रमन सुनेजा, रवींद्र बंसल, सीएल कथूरिया, संदीप हंस, शकुंतला, सुमन, सोनिया, रितु, सरोज और कांता आदि ने बताया कि आज तक उन्हें आश्वासन के सिवाए कुछ नहीं मिला, जिसके विरोध में उन्होंने कैंडल मार्च निकाला है। उनकी मांग है कि पुलिस ने जितना पैसा और जेवरात बरामद किया है उसे लॉकर धारकों को वापिस दिया जाए।
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अधिकारी कहते हैं न्याय मिलेगा, पर पता नहीं कब मिलेगा
लॉकर धारक संदीप कालड़ा ने कहा कि पंजाब नेशनल बैंक की घटना को एक वर्ष पूरा हो चुका है। इस वर्ष के दौरान एक भी दिन ऐसा नहीं, जब लॉकर धारकों ने सरकार के नुमाइंदों से उनका सामान लौटाने की गुहार नहीं लगाई हो। हालांकि सरकार का यहीं जवाब रहा कि आपको जरूर न्याय मिलेगा और सामान भी वापस मिलेगा, लेकिन मिला कुछ नहीं।

सरकार थपथपा रही अपनी पीठ, हम मांग रहे न्याय
लॉकर धारक रमन सुनेजा ने कहा कि जिस प्रकार पंजाब नेशनल सुरंग बैंक कांड को एक वर्ष पूरा हो गया है। उसी प्रकार प्रदेश की सरकार को भी एक वर्ष पूरा हो गया है। एक तरफ तो सरकार अपने एक साल की उपलब्धियां  गिनाकर अपनी पीठ थपथपा रही है, लेकिन दूसरी तरफ लॉकर धारक न्याय मांग रहे  हैं। हालांकि पुलिस ने चोरों से लगभग 45 किलो जेवरात बरामद किए हैं, लेकिन एक साल बीत जाने के बाद भी वह चक्कर काटने पर मजबूर हो रहे हैं। उन्हें न्याय नहीं मिला है।

सीएम बताएं कब मिलेगा उन्हें न्याय
लॉकरधारक शकुंतला का कहना है कि एक साल बाद भी लॉकर धारकों को कुछ नहीं मिला है। जो सरकार के लिए बहुत ही शर्मनाक है। अगर कोई किसान की फसल खराब हो  जाती है तो उसे लाखों रुपये दिए जाते हैं, लेकिन लॉकरधारकों का खुद का सामान होने के बाद भी कुछ नहीं मिला। मुख्यमंत्री बताएं उन्हें कब न्याय मिलेगा।

दोबारा की जाए केस की जांच: विधायक
गोहाना  कांग्रेस विधायक जगवीर मलिक ने कहा कि लॉकर धारकों को एक भी पैसा और जेवरात वापस नहीं मिले हैं। वे केवल चक्कर काटने और धरने-प्रदर्शन करने को मजबूर हैं। लॉकर धारकों को उनके जेवरात दिलाने के लिए सरकार को इस मामले की दोबारा जांच करनी चाहिए।
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