स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शुक्रवार को मुरथल गांव और सेक्टर-15 स्थित घर में गर्भपात के गोरखधंधे का पर्दाफाश किया है। विभाग की टीम ने गर्भपात के लिए फर्जी ग्राहक भेजकर उसके हाथों 15 हजार रुपये की नकदी दिलवाकर यह कार्रवाई की। सेक्टर-15 स्थित एक मकान से 15 हजार रुपये की नकदी के साथ एक डॉक्टर और बिचौलिये को पकड़ा गया। विभाग ने बिचौलिये को तो मौके पर ही पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया, जबकि डॉक्टर के खिलाफ एमटीपी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया। हालांकि पुलिस को एमबीबीएस महिला डॉक्टर की गिरफ्तारी से पहले मामले की जांच करनी होगी। तभी गिरफ्तारी हो सकती है।
सीएमओ जेएस पूनिया ने बताया कि सूचना मिली थी कि अवैध तरीके से गर्भपात करने का काम चल रहा है। योजना के तहत स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने एक टीम बनाई। जिसमें एक युवती को फर्जी ग्राहक बनाया गया। इसके बाद टीम ने सबसे पहले मुरथल निवासी दीपक नाम के युवक से संपर्क साधा। दीपक ने युवती को मुरथल गांव में बुलाया। मुरथल पहुंचकर डॉक्टर सीमा के क्लीनिक पर युवती का चेकअप किया गया। इसके बाद क्लीनिक से युवती को सेक्टर-15 स्थित 2331-एस पर आने कहा गया। गर्भपात के लिए जब युवती को सेक्टर-15 में लाया गया तो डॉक्टर सीमा और दीपक को 15 हजार रुपये की नकदी दी गई। इसके तुरंत बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने छापा मारा। छापे के दौरान सबसे पहले डॉक्टर और बिचौलिये को 15 हजार की नकदी के साथ रंगेहाथ काबू किया। इसी दौरान मकान में से गर्भपात के लिए इस्तेमाल होने वाले औजार भी बरामद कर लिए गए। विभागीय टीम ने पैसे और औजार सील कर दिए, वहीं पुलिस ने बिचौलिये दीपक को गिरफ्तार कर लिया। बाद में स्वास्थ्य विभाग की ओर से शिकायत के आधार पर थाना मुरथल पुलिस ने डॉक्टर सीमा और दीपक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया।
रसोई की सिंक में छिपा रखे थे औजार
सेक्टर-15 स्थित मकान में जब छापा मारा गया तो स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को औजार बरामद करने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। क्योंकि जब विभागीय अधिकारियों ने रेड की तो तब तक औजार नहीं निकाले गए थे। औजार बरामद करने के लिए पूरे मकान की तलाशी ली गई। इसी दौरान रसोई में बर्तन मांजने वाली सिंक में कपड़े पड़े होने पर टीम को शक हुआ। कपड़े उठाए तो उनके नीचे से गर्भपात में इस्तेमाल होने वाले औजार मिले।
बिचौलिये ने भी खूब घुमाया
बता दें कि इस कार्रवाई को अंजाम देते-देते विभागीय अधिकारियों को शाम 3 बज गए थे। जबकि कार्रवाई सुबह से शुरू हो गई थी। सुबह लगभग 9 बजे फर्जी ग्राहक समेत टीम के दो युवक मुरथल पहुंच गए थे। इसके बाद दीपक ने कई अलग-अलग जगहों पर बुलाकर उनसे मुलाकात की। इसके बाद जब वे मिले तो क्लीनिक तक ले जाने में भी कई गलियों के चक्कर कटवाए। क्लीनिक से बाहर आने पर भी बिचौलिये ने फर्जी ग्राहक और उसके साथ चल रहे दोनों युवकों को गांव की गलियों में घुमाकर बाहर निकाला।
युवक ने फर्जी महिला ग्राहक को बताया अपनी प्रेमिका, 22 हजार में किया सौदा
जिस युवती को फर्जी ग्राहक बनाकर भेजा गया था, उसके साथ गए दो स्वास्थ्य कर्मियों में से एक ने युवती को अपनी प्रेमिका बताया था। बिचौलिये दीपक के सामने उसने बताया कि उसकी प्रेमिका को गर्भ ठहर गया है और उसका गर्भपात कराना है। इस पर दीपक ने फोन पर बातचीत कर 25 हजार रुपये मांगे थे, हालांकि बाद में 22 हजार रुपये में सौदा तय हुआ था। सेक्टर-15 में पहुंचकर फर्जी महिला ग्राहक ने 15 हजार रुपये एडवांस के तौर पर दिए थे।
पड़ोसी भी हुए हैरान
बता दें कि जब स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की टीम ने कार्रवाई की तो आस-पड़ोस के लोग भी बाहर आ गए थे। रिहायशी इलाके में एक तो व्यवसायिक गतिविधि और ऊपर से अवैध रूप से गर्भपात करने की जानकारी मिलने पर पड़ोसियों ने भी हैरानी जताई। ठीक सामने वाले मकान में रहने वाले पड़ोसियों ने बताया कि उन्हें तो बस क्लीनिक का पता था, यह नहीं मालूम था कि यहां गर्भपात कराया जाता था।
हुडा की कार्रवाई पर भी सवाल
रिहायशी इलाके में कामर्शियल गतिविधि होने के मामले में हरियाणा अर्बन डेवलेपमेंट अथॉरिटी पर भी सवाल खड़े होते हैं। बताया जा रहा है कि काफी समय से उक्त मकान में क्लीनिक चल रहा था। इस तरह से रिहायशी मकान में व्यवसायिक गतिविधि करने पर हुडा कार्रवाई करता है, लेकिन यहां अब तक कार्रवाई नहीं की गई। यह हालत तब है जब यह मकान हुडा कार्यालय के लगभग सामने है।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
ऐसा नहीं है कि गर्भपात का गोरखधंधा सामने आने का यह पहला मामला है। पिछले वर्ष इस तरह के चार मामले सामने आए थे। इसमें से तीन मामले तो सोनीपत के ही थे। जिसमें खरखौदा, गन्नौर और शहर सोनीपत के मामले शामिल हैं। वहीं एक मामले में स्वास्थ्य विभाग की टीम को गन्नौर पहुंचकर कार्रवाई करनी पड़ी थी।
पहला मामला : फरवरी महीने में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने नरेला जाकर लिंग जांच का पर्दाफाश किया था। 9 हजार रुपये के साथ एक महिला को काबू किया था। यही महिला लिंग जांच करवाने के लिए फर्जी ग्राहक को लाई थी।
दूसरा मामला : जुलाई में गन्नौर में लिंग जांच करने का पर्दाफाश किया गया था। गन्नौर में डॉक्टरों की टीम ने अल्ट्रासाउंड मशीन सील की थी। बताया गया था कि यहां लिंग जांच के बाद लड़की होने पर गर्भपात भी कराया जाता था।
तीसरा मामला : नवंबर माह में खरखौदा में यह मामला सामने आया। नृसग होम में स्वास्थ्य विभाग की टीम को गर्भपात करने के औजार मिले। डॉक्टर मौके से फरार हो गए थे। हालांकि पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया था।
चौथा मामला : दिसंबर माह में मुरथल अड्डा स्थित अरोड़ा नर्सिंग होम में भी छापा मारा गया था। जींद और सोनीपत स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते 10 हजार रुपये में फर्जी ग्राहक बनाकर भेजा था। विभाग ने अपनी कार्रवाई में डॉ. आशा अरोड़ा से पैसे भी बरामद बताए थे। अल्ट्रासाउंड मशीन भी सील की गई थी। इस मामले में आरोपी डॉ. आशा अरोड़ा की अभी तक गिरफ्तारी नहीं हो पाई है, हालांकि उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्थानीय अदालत में खारिज हो चुकी है।
गुप्त सूचना पर ही यह कार्रवाई की गई थी। फर्जी ग्राहक से बिचौलिये और डॉक्टर ने 15 हजार रुपए लिए और हमने उन्हें रंगेहाथ पकड़ लिया। दोनों के खिलाफ एफआईआर करा दी गई है। मौके से गर्भपात में इस्तेमाल होने वाले औजार भी बरामद किए गए हैं।
-जेएस पूनिया, सिविल सर्जन, स्वास्थ्य विभाग, सोनीपत।
बिचौलिये दीपक को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी डॉक्टर सीमा को भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। मामले की जांच जारी है।
-अजय धनखड़, प्रभारी, थाना मुरथल
रिहायशी मकान में व्यवसायिक गतिविधि नहीं चलाई जा सकती है। मैंने हाल ही में चार्ज संभाला है, पहले इस मकान के मालिक को नोटिस भेजा है तो उसकी जानकारी नहीं है। हालांकि अब मामला सामने आया है तो इस संदर्भ में कार्रवाई की जाएगी।
विजय राठी, संपदा अधिकारी, हुडा, सोनीपत