लहराड़ा गांव के पास गुरुवार शाम को एक निजी बस की चपेट में आकर एक युवक की मौत हो गई। मौत से गुस्साए ग्रामीणों ने शुक्रवार को शव का अंतिम संस्कार करने के बाद सोनीपत-खरखौदा मार्ग पर जाम लगा दिया। लगभग 7 घंटे तक बैयांपुर और लहराड़ा के ग्रामीण सड़क पर ही जमे रहे। मौके पर पहुंचे एसडीएम, डीएसपी की भी ग्रामीणों ने नहीं मानी। पहले तो ग्रामीण आरोपी बस चालक को गिरफ्तार करने की मांग पर अड़े रहे। हालांकि शाम को एसडीएम द्वारा 11 जनवरी को ब्रेकर लगाने का आश्वासन देने पर ही वे सड़क से हटे। दूसरी ओर घंटों लगे रहे जाम के चलते लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। जाम खुलने के बावजूद देर शाम तक इस सड़क पर वाहनों की स्थिति सामान्य हो पाई।
गुरुवार को लहराड़ा गांव के सामने सड़क पार करते समय एक युवक एक तेज रफ्तार निजी बस की चपेट में आ गया था। हादसे में गंभीर रूप से घायल होने के बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मरने वाले की पहचान गांव लहराड़ा निवासी नवीन कुमार के रूप में हुई। 20 वर्षीय नवीन की मौत के बाद शुक्रवार को उसके शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया था। शुक्रवार सुबह के समय नवीन के शव का अंतिम संस्कार करने के बाद ग्रामीण गांव लहराड़ा के पास सोनीपत-खरखौदा मार्ग पर बैठ गए। ग्रामीणों ने ट्रैक्टर-ट्राली अड़ाकर सड़क पर जाम लगा दिया। जाम की सूचना पर थाना सदर प्रभारी अजय मलिक दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की गई, लेकिन वे नहीं माने। इसी दौरान पहले डीएसपी मुकेश जाखड़ और बाद में एसडीएम निशांत यादव भी मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने आरोपियों को जल्द-जल्द काबू करने और गांव के सामने तुरंत ब्रेकर बनाने की मांग उठाई। शाम लगभोग साढ़े 5 बजे एसडीएम निशांत यादव ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि सड़क पर प्लास्टिक के ब्रेकर लगाए जाएंगे। आश्वासन के उपरांत ही ग्रामीणों ने जाम खोला। जब जाम खुला तो सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी लाइनें लग चुकी थी। यातायात को सुचारु करने के लिए पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
बिगड़ गई थी बात, दोबारा गए एसडीएम
जाम लगाए ग्रामीणों को समझाने पहुंचे एसडीएम ने जब ग्रामीणों को बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर उच्चतम न्यायालय के आदेशों के तहत ब्रेकर नहीं लगाए जा सकते। इस बात पर ग्रामीण बिफर गए। ग्रामीण ब्रेकर की ही मांग पर अड़े रहे। इसके बाद एसडीएम निशांत यादव वापस चले गए और लघु सचिवालय में पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक के उपरांत एसडीएम वापस ग्रामीणों के बीच पहुंचे और आश्वासन दिया कि 11 जनवरी को गांव के सामने प्लास्टिक वाले स्पीड ब्रेकर लगा दिए जाएंगे।
शहर तक आ गया था जाम
सोनीपत-खरखौदा काफी महत्वपूर्ण सड़क है। बैयांपुर-लहराड़ा शहर से सटे हुए गांव हैं। जब यहां पर जाम लगा तो इसका असर शहर में भी दिखाई दिया। रोहतक की ओर जाने वाले वाहन चालक गोहाना वाले रास्ते पर आ गए। जिसके चलते शहर में भी जाम की समस्या हो गई। हालांकि पुलिस ने वाहन डायवर्ट किए भी थे, लेकिन इसके बावजूद स्थिति नियंत्रण में नहीं आई।
देर रात यातायात हो सका सुचारु
शाम को साढ़े 5 बजे जब जाम खुला तो उसके बाद भी यातायात सुचारु कराने में पुलिसकर्मियों के पसीने छूट गए। जाम के चलते दोनों ओर वाहनों की लंबी लाइनें लग गई थी। जिसमें भारी वाहनों की संख्या अधिक थी। देर रात तक ही यातायात सुचारू हो पाया।
अज्ञात बस चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है, जल्द ही आरोपी को काबू कर लिया जाए। ऐसे मामलों में लोगों को भी विवेक से काम लेना चाहिए। हम अपने काम में कभी कोई कसर नहीं छोड़ते, इसीलिए लोगों को भी हमारे ऊपर विश्वास रखना चाहिए।
-मुकेश जाखड़, डीएसपी, सोनीपत