दो साल पहले जसराणा गांव में दोस्त की हत्या के मामले में नामजद युवक मुकेश को आजीवन कारावास व छह हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न भरने पर एक माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। एडीजे सूर्य प्रताप सिंह की अदालत ने यह फैसला सुनाया।
16 मार्च, 2014 को ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी कि गांव निवासी मुकेश के घर से दुर्गंध आ रही है। पुलिस गांव में पहुंची और ग्रामीणों की मौजूदगी में कमरे का दरवाजा खोला। अंदर गांव के युवक 36 वर्षीय समुंद्र सिंह का शव मिला। उसकी हत्या कर शव क्षत-विक्षप्त किया गया था। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच की। पता चला कि मकान मालिक मुकेश व समुंद्र सिंह दोस्त थे और एक साथ लकड़ी काटने का काम करते थे।
14 मार्च को मुकेश ने अपने दोस्त समुंद्र को घर बुलाया। दोनों ने मिलकर शराब पी। मामूली कहासुनी के चलते दोनों के बीच झगड़ा हो गया। आरोप था कि मुकेश ने लोहे की राड उठाई और समुंद्र के सिर पर दे मारी। समुंद्र की मौके पर मौत हो गई और मुकेश फरार हो गया। पुलिस ने सात अप्रैल को कार्रवाई करते हुए मुकेश को काबू कर लिया। तभी से उसके खिलाफ हत्या का केस चल रहा था।