सोनीपत में अदालत ने चचेरी बहन से दुष्कर्म करने के दोषी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। 13 वर्षीय लड़की से दोषी ने तीन बार दुष्कर्म किया था। बालिका गर्भवती हो गई थी, हालत बिगड़ने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
हरियाणा के सोनीपत में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुरुचि अतरेजा सिंह की अदालत ने रिश्ते में चचेरी बहन से दुष्कर्म करने के मामले में सुनवाई करते हुए आरोप सिद्ध होने पर दोषी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। दोषी पर अदालत ने 60 हजार रुपये जुर्माना भी किया है। जुर्माना राशि में से 50 हजार रुपये पीड़िता को देने के आदेश दिए हैं।
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मूलरूप से बिहार और घटना के समय कुंडली थाना क्षेत्र में रहने वाली एक महिला ने 31 जनवरी 2021 को कुंडली थाना पुलिस को बताया था कि उसकी 13 वर्षीय बेटी चौथी कक्षा में पढ़ती है। उनके पास ही कमरे में उसके रिश्ते में देवर बेटा संतोष पासवान भी रहता था। उसकी बेटी को उल्टी होने लगी तो उन्होंने उसे पूछा तो उसने बताया था कि संतोष ने उसके साथ दो माह पहले तीन बार दुष्कर्म किया था।
बाद में पता लगा था कि उसकी बेटी डेढ़ माह की गर्भवती है। उन्होंने पुलिस को शिकायत देकर मुकदमा दर्ज कराया था। पीड़ित लड़की ने अपनी भाभी को बताया था कि चचेरा भाई अक्सर उस समय कमरे में घुस जाता था, जब उसके माता-पिता काम पर गए होते थे। वह कमरा बंद कर उसे और परिवार के अन्य सदस्यों को जान से मारने की धमकी देकर उसके साथ दुष्कर्म करता था। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपी संतोष को गिरफ्तार कर लिया था।
मामले में सुनवाई करते हुए एएसजे सुरुचि अतरेजा सिंह की अदालत ने संतोष को दोषी करार दिया है। बुधवार को अदालत ने दोषी को 6 पॉक्सो एक्ट में उम्रकैद की सजा सुनाई है। वहीं भादंसं की धारा 506 में तीन साल की कैद व 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर 14 माह कठोर कारावास की सजा भुगतनी होगी।