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मदीना में केबल संचालक की पीट-पीटकर हत्या

Wed, 25 Nov 2015 12:25 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत
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उपमंडल के गांव मदीना में केबल नेटवर्क को लेकर एक केबल संचालक की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। वारदात का आरोप रूखी गांव के केबल संचालक अशोक उर्फ शौकी, सुखदेव उर्फ सुखु और उसके साथियों पर लगा है। पुलिस ने मृतक के भतीजे नीटू उर्फ सीरा के बयान पर आरोपियों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दी है।
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फोन करके बुलाया सरकारी स्कूल के पास
बरोदा पुलिस के मुताबिक नीटू ने बयान दिया है कि मदीना गांव में दो केबल संचालकों की लाइन हैं। एक लाइन रूखी गांव निवासी अशोक उर्फ शौकी और दूसरी मिर्जापुर निवासी जितेंद्र उर्फ जीता की है। जितेंद्र की केबल में उसके चाचा सतवीर की हिस्सेदारी है, लेकिन शौकी गांव में अपना ही केबल नेटवर्क चलाना चाहता है। इसके चलते शौकी की मेरे चाचा सतवीर से काफी खींचतान चल रही थी। दोनों पक्षों में पहले भी झगड़ा हो चुका था। नीटू ने बताया कि सोमवार को करीब 12 या साढ़े 12 बजे सुखदेव उर्फ सुकू का उसके मोबाइल फोन पर कॉल आई कि उसका चाचा सतवीर गांव में हमारी केबल नहीं चलने देता। उसका काम तमाम कर देंगे। अगर दम है तो गांव के सरकारी स्कूल के पास आ जाओ। रात को ही सतवीर, नीटू और रमेश उर्फ रमे स्कूल के पास पहुंच गए।

डंडे, सरिए व हाकी से पीट-पीटकर उतारा मौत के घाट
नीट्ू ने पुलिस को बताया कि जब वे सरकारी स्कूल के पास पहुंचे तो दो गाड़ियां खड़ी थी। आधा दर्जन से ज्यादा युवक नीचे उतरे और डंडे, हाकी और सरियों से हमला बोल दिया। किसी तरह नीटू और रमेश तो जान बचाकर भाग आए, लेकिन सतवीर की आरोपियों ने पीट-पीटकर हत्या कर दी। उसका शव सड़क किनारे फेंक कर आरोपी फरार हो गए। पुलिस ने नीटू के बयान पर अशोक उर्फ शौकी, सुखदेव उर्फ सुकू और अन्य के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर धरपकड़ शुरू कर दी है। डीएसपी विनोद कुमार का कहना है कि वारदात के पीछे केबल कनेक्शन के वर्चस्व की लड़ाई है। जल्द आरोपियों को काबू कर लिया जाएगा।
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पहले भी हो चुकी है केबल संचालन को लेकर हत्या
गोहाना में केबल संचालन को लेकर पहले भी हत्या हो चुकी है। कथूरा गांव का युवक सतीश केबल संचालक के तौर पर काम करता था। उसका शव दो साल पहले रोहतक जिले के गांव सांघी के पास मिला था। उसकी भी केबल संचालन के विवाद के चलते हत्या की गई थी।

फायदे का सौदा केबल संचालन, नहीं स्पष्ट नियम, जा रही जानें
शहर के साथ गांवों में भी केबल कनेक्शन का क्रेज बढ़ता जा रहा है। केबल संचालन को लेकर सरकार या प्रशासन के अभी कोई ठोस नियम नहीं है। ऐसे में व्यक्तिगत तौर पर लोग गांवों में अपने तरीके से केबल कनेक्शन देते हैं। इसके लिए प्रति कनेक्शन एक मकान से 100 से 200 रुपये प्रति माह तक किराया वसूला जाता है। इस तरह केबल काम काफी फायदा का सौदा बन रहा है, लेकिन प्रतिस्पर्धा के चलते संचालक आपस में एक-दूसरे की केबल काट देते हैं। यहीं से दोनों पक्षों में तनाव पैदा होता है, जो खूनी रूप धारण कर चुका है।
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