एटीएम में कम रकम डालकर 2.56 करोड़ का गबन करने वाले चार दोषियों को सात साल कैद
अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। एटीएम के अंदर रकम डालने के दौरान 2.56 करोड़ का गबन करने के मामलेे में सुनवाई करते हुए अदालत ने चार आरोपियों को दोषी करार दिया है। एसीजेएम निशांत शर्मा की अदालत ने चारों दोषियों को सात-सात साल कैद व 15-15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देेने पर छह माह अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी।
विदित रहे कि झंडा वालान एक्सटेंशन नई दिल्ली स्थित सीएमएस इनफो सिस्टम लिमिटेड कंपनी के क्षेत्रीय प्रभारी अनुज डोभाल ने 25 अगस्त, 2016 को सिटी थाना पुलिस को शिकायत दी थी कि उनकी कंपनी एटीएम में रकम डालती है। उनके पास उल्देपुर निवासी देवेंद्र व सोनीपत निवासी कुलदीप नौकरी करते थे। कंपनी ने दोनों कर्मचारियों की ड्यूटी सोनीपत के 17 एटीएम में रकम डालने की लगा रखी थी। चार साल से लगातार यह कर्मचारी एटीएम मशीन में कैश डालने का काम करते रहे थे। विश्वास होने पर इन कर्मचारियों को कंपनी की अहम जानकारी भी दे रखी थी। उन्होंने बताया था कि कुछ दिन पहले कुलदीप ने बीमार होने की बात कहकर छुट्टी ली थी। इस दौरान उन्होंने देवेंद्र के साथ एक अन्य कर्मचारी की ड्यूटी लगाई थी। कैश डालते समय नए कर्मचारी ने देवेंद्र की गड़बड़ी पकड़ ली थी। आरोप लगाने के बाद जब कंपनी ने ऑडिट करवाया था तो पता चला चार साल में इन लोगों ने दो करोड़ 56 लाख 69 हजार 500 रुपये की धोखाधड़ी की है। अनुज डोभाल ने आरोप लगाया था यह कर्मचारी कंपनी से पूरा कैश लेते रहे, जबकि एटीएम मशीन में कम डालते रहे। जिससे कंपनी को बड़ा चूना लगा है। जांच में 14 एटीएम में रकम डालने में गड़बड़ी मिली थी। जिसपर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया था। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने नैना निवासी मनोज को भी काबू किया था। जिसने एक माह तक रकम डाली थी। उसकी भूमिका भी संदिग्ध मिली थी। बाद में जांच के दौरान एटीएम में हर साल ऑडिट करने वाले दिल्ली निवासी अजय की भूमिका भी संदिग्ध मिली थी। मामले की जांच में चारों को गिरफ्तार किया गया था। मामले की सुनवाई करते हुए एसीजेएम निशांत शर्मा की अदालत ने चारों को दोषी करार दिया है। अदालत ने उन्हें सात-सात साल कैद व 15-15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।