अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुनीता ग्रोवर की अदालत ने नाबालिग को बंधक बनकर दुष्कर्म व मारपीट करने मामले की सुनवाई करते हुए दोषी को सात साल कैद की सजा सुनाई है। दोषी पर दस हजार रुपये जुर्माना भी किया गया है।
सदर थाना क्षेत्र के गांव की रहने वाली एक महिला ने 17 जून, 2016 को पुलिस को बताया था कि 16 जून, 2016 को अचानक उसकी बेटी गायब हो गई। वह उसे तलाश करते हुए पड़ोसी सिंटू उर्फ हैप्पी के घर गई थी। उसने देखा कि आरोपी ने उसकी बेटी को बांध रखा था। उसे देखकर आरोपी भाग गया था। उसने अपनी बेटी को बंधन मुक्त किया था। जिस पर उसकी बेटी ने उसे बताया था कि आरोपी ने उसके साथ मारपीट कर उसके साथ दुष्कर्म किया है। जिस पर उसने परिजनों को अवगत कराया। बाद में मामले की शिकायत सदर थाना में दी गई। पुलिस ने केस दर्ज कर लिया था। मामले में कार्रवाई करते हुए 20 जून, 2016 को पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था।
शुक्रवार को मामले की सुनवाई करते हुए अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुनीता ग्रोवर की अदालत ने हैप्पी उर्फ सिंटू को दोषी करार दिया है। उसे सात साल कैद व दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर छह माह अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी।