सोनीपत। शहर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र के रहने वाले सेवानिवृत्त हेडमास्टर के पेन नंबर का प्रयोग कर धोखाधड़ी से तीन फर्मों ने अपना जीएसटीएन नंबर ले लिया। बुजुर्ग का आरोप है कि गुजरात टैक्स अधिकारी के आदेश पर जब उनका बैंक खाता सीज किया गया तो उसे पता लगा। तीनों फर्मों में बुजुर्ग को प्रोपराइटर दिखाया गया है। जबकि उनका आरोप है कि उन्हें फर्मों के बारे में कोई जानकारी ही नहीं है। पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है।
सिविल लाइन क्षेत्र निवासी हेमराज ने एसपी को दी शिकायत में बताया कि वह रिटायर्ड हेडमास्टर हैं। उनकी आयु 83 वर्ष है। उनका बैंक खाता सेंट्रल बैंक आफ इंडिया में हैं। जिसे कुछ दिन पहले सीज कर दिया गया। उसे पता लगा कि गुजरात स्थित राजकोट के स्टेट टैक्स के सहायक कमिश्नर ने उनका खाता सीज कराया है। जिस पर पता किया तो जानकारी मिली कि उनके पेन नंबर पर राजकोट गुजरात, उत्तम नगर, दिल्ली व तेलंगाना में तीन फर्म का जीएसटीएन नंबर लिया गया है। यह फर्म अंकुर, लक्ष्मी नारायण व संजय के नाम से हैं। तीनों फर्म में हेमराज को प्रोपराइटर दिखाया गया है। जब उन्हें इसका पता लगा तो उन्होंने बैंक से संपर्क किया। जहां उन्हें इस बारे में जानकारी दी। उन्हें शक है कि इस तरह धोखाधड़ी कर आरोपी सरकार से करोड़ों रुपये का गबन कर सकते हैं। साथ ही उन्होंने बताया कि बैंक खाता सीज होने से उन्हें दवाई तक खरीदने में दिक्कत हो रही है। जिस पर सिविल लाइन थाना पुलिस को शिकायत दी गई। सिविल लाइन थाना पुलिस ने बुजुर्ग के बयान पर तीनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।