सोनीपत। करीब छह वर्ष पुराने जानलेवा हमला मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने जेल में बंद गांव लड़सौली निवासी अनिल को नियमित जमानत दे दी। अदालत ने कहा कि मामले के सभी महत्वपूर्ण गवाहों (शिकायतकर्ता और घायल ) के बयान दर्ज हो चुके हैं। उन्होंने अभियोजन पक्ष के आरोपों का समर्थन नहीं किया है। ऐसे में आरोपी को आगे भी न्यायिक हिरासत में रखने का कोई औचित्य नहीं बनता।
मामले की सुनवाई जिला एवं सत्र न्यायाधीश जगजीत सिंह की अदालत में हुई। आरोपी की ओर से भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 483 के तहत नियमित जमानत याचिका दायर की गई थी। सुनवाई के बाद अदालत ने आरोपी को एक लाख रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि के एक जमानती पर रिहा करने के आदेश दिए।
2020 से न्यायिक हिरासत में था आरोपी
बचाव पक्ष ने अदालत में दलील दी कि आरोपी 14 अगस्त 2020 से जेल में है। राज्य पक्ष ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि मामला गंभीर प्रकृति का है और आरोपी के बाहर आने से न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। अदालत ने रिकॉर्ड और गवाहों के बयानों पर विचार करते हुए पाया कि अभियोजन के मुख्य गवाह अपने पूर्व बयानों से मुकर चुके हैं।
बता दें कि 1 अगस्त 2020 को मुरथल थाना में कुमासपुर ओमेक्स सिटी निवासी रवीता के बयान पर जानलेवा हमला, गंभीर चोट पहुंचाने, आपराधिक षड्यंत्र और शस्त्र अधिनियम सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया था। रवीता ने आरोप लगाया था कि आरोपियों ने उसके पति प्रशांत को गोली मारी थी। मामले के अन्य आरोपियों को पहले जमानत मिल चुकी है।