सोनीपत। ओपी जिंदल ग्लोबल विश्वविद्यालय (जेजीयू), जगदीशपुर में कृतिम मेधा (एआई तकनीक) से परिपूर्ण देश का पहला संविधान संग्रहालय बनाया गया है। इस संग्रहालय का उद्घाटन शनिवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केंद्र सरकार के कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल व विवि के चांसलर व सांसद नवीन जिंदल करेंगे। संग्रहालय का लाभ विद्यार्थियों के साथ ही आमजन भी निशुल्क ले सकेंगे।
विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. सी राजकुमार ने शुक्रवार को यहां बताया कि संविधान संग्रहालय और अधिकार एवं स्वतंत्रता अकादमी का लोकार्पण समारोह मंगलवार, 26 नवंबर को आयोजित होगा। उस दिन संविधान दिवस व्याख्यान पूर्व राजदूत और पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल प्रोफेसर गोपालकृष्ण गांधी की ओर से दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि संग्रहालय बनाने का विचार अमेरिका में बनाए गए संग्रहालय को देखकर आया था। हालांकि यहां का डिजाइन वहां से अलग है।
एआई तकनीक का दिखेगा कमाल
जेजीयू में बनकर तैयार हुए संविधान संग्रहालय में एआई तकनीक का अनूठा कमाल दिखेगा। संग्रहालय अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी, एआई आधारित इंटरेक्टिव अनुभवों, 3 डी इंस्टॉलेशन और प्रगतिशील प्रदर्शनों से सुसज्जित होगा। संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर का एआई स्वरूप स्वयं लोगों को संविधान के बारे में जानकारी देता दिखेगा। यहां आने वाले लोग लोकसभा में संविधान की शपथ लेने जैसे अनुभव का आभास भी कर सकेंगे। वह शपथ लेते फोटो खिंचवा सकेंगे।
संविधान निर्मात्री सभा के 300 सदस्यों के बारे में मिलेगी पूरी जानकारी
संविधान संग्रहालय पूरी तरह से डिजिटल बनाया गया है। इसमें देश के संविधान से संबंधित महान प्रतीक स्थापित किए गए हैं। यह प्रतीक उम्दा कलाकारों, शिक्षाविदों व विशेषज्ञों ने बनाए हैं। इससे भी बड़ी बात यह है कि संविधान निर्मात्री सभा के सभी 300 सदस्यों के जीवन के संबंध में पूरा परिचय व योगदान के बारे में यहां जानकारी उपलब्ध करवाई गई है। आईआईटी मद्रास के तकनीकी विशेषज्ञता केंद्र के सहयोग से एसएएमवीआईडी प्रोजेक्ट एक अनूठा अनुभव प्रदान करेगा। इससे संविधान सभा के सदस्यों का पूरा विवरण और उनके योगदान की जानकारी होगी।
कलाकृतियां होंगी प्रमुख आकर्षण
संग्रहालय में प्रदर्शित कला, संविधान के मूल हस्तलिखित दस्तावेज़ और उससे प्रेरित कलाकृतियों को शामिल किया है। प्रमुख आकर्षणों में ‘वी, द पीपल ऑफ इंडिया’, ‘इंसाफ की देवी’और ‘त्रायड ऑफ यूनिट’ जैसी मूर्तियां हैं। यह भारतीय संविधान के मूल्यों को दर्शाती हैं। वहीं संग्रहालय बच्चों के लिए एक इंटरैक्टिव कॉर्नर और एक निरंतर विकसित होती आर्काइव भी प्रस्तुत करेगा। वह संविधान और मौलिक अधिकारों के विकास पर ध्यान आकर्षित करेगा।