संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। शहर की सरकार की तरफ से आयोजित सदन की पहली बैठक में पार्षदों ने प्रशासन को कटघरे में खड़ा कर दिया। बिजली व्यवस्था से लेकर विकास कार्यों, सीवर व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति, सफाई व्यवस्था, सीसीटीवी और पार्कों के रखरखाव, बेसहारा पशुओं और बंदरों को लेकर तीखे सवाल उठाए गए। पार्षदों ने बिजली समस्या के सवाल उठाए तो कार्यकारी अभियंता ने गर्मी व बारिश के सीजन को देखते हुए दो माह बाद बिजली व्यवस्था सुधारने के लिए काम शुरू कराने की बात कही।
शहर की सरकार की पहली सदन की बैठक शुक्रवार को सेक्टर-23 स्थित सामुदायिक केंद्र में हुई। इसमें विधायक निखिल मदान और मेयर राजीव जैन पहुंचे। पार्षद सुनीता भोला और निशा ने घरों से ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन को उतरवाने का मुद्दा उठाया। उनका कहना था कि इसके चलते लोगों का छतों पर जाना मुश्किल हो गया है। पहले कई बार हादसे हो चुके हैं। वर्तमान में सबसे ज्यादा समस्या लहराड़ा और फाजिलपुर में बनी हुई है।
इस पर बिजली निगम के कार्यकारी अभियंता रणबीर देशवाल ने कहा कि हाईटेंशन लाइन पहले डाली गई है और घर बाद में बने हैं। घरों के ऊपर से हाईटेंशन लाइन हटवानी है तो बिजली निगम में पैसे जमा कराने पड़ेंगे। पार्षद सुरेंद्र मदान ने कहा कि हर घर से कूड़ा लेने के लिए रोजाना गाड़ी नहीं आती, लोग सड़क किनारे कूड़ा फेंक देते हैं। विधायक निखिल मदान ने कहा कि डोर टू डोर कूड़ा संग्रहण में लापरवाही नहीं होनी चाहिए। निगम अधिकारी रोजाना जांच कर जुर्माना लगाए। साथ ही उन्होंने सफाई व्यवस्था, स्ट्रीट लाइट मरम्मत, दूषित पेयजल आपूर्ति, सीवर ओवरफ्लो संबंधी शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर दूर करने के आदेश दिए।
पार्षद अनुराग जैन ने मिशन चौक पर मिर्च मंडी तक ब्रेकर लगाने की मांग की। उनका कहना था कि इससे झपटमारी की वारदात करने वालों पर अंकुश लगेगा। पार्षद त्रिभुवन ने कहा कि पुरानी शहरी सरकार में कई ऐसे विकास कार्य हैं जिनके नारियल तोड़े गए, लेकिन काम अब तक नहीं शुरू नहीं हो पाया है।
इंजीनियरिंग शाखा की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि वार्ड में एक कार्य का प्रारंभिक एस्टीमेट 17 लाख रुपये का बनाया गया था लेकिन बाद में संशोधन के बाद उसी कार्य की लागत बढ़कर करीब 1.10 करोड़ रुपये हो गई। पार्षद रीना मुकेश सैनी ने जलभराव, सफाई और पानी निकासी, पार्षद कुणाल कौशिक ने राई, लिवान और जाट जोशी क्षेत्र की समस्याओं के साथ लंबित परियोजनाओं में तेजी लाने की मांग की। पार्षद संजय कुमार ने बाबा कॉलोनी और नरेंद्र नगर क्षेत्र में सीवर समस्या तो पार्षद संगीता सैनी ने पेयजल और सीवर संबंधी शिकायतें रखीं। पार्षद साधना तनेजा ने पेयजल, पार्कों की सफाई और क्षेत्र में संचालित मीट मार्केट को बंद कराने की मांग की। पार्षद संजीव वलेचा ने इंद्रा कॉलोनी क्षेत्र में स्पीड ब्रेकर लगाने और पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग की गई।
पार्षद दीपमाला संजय बड़वासनिया ने सीवर सफाई, पेयजल, पक्की गलियों के निर्माण और गढ़ी ब्राह्मण रोड के विकास की मांग की। मेयर राजीव जैन बोले रेहड़ी फड़ी लगाने वालों के पास अगर परिवार पहचान पत्र है तो उनका रजिस्ट्रेशन करके जगह आवंटित की जाएगी। इससे शहर के अंदर अतिक्रमण को खत्म करने का प्रयास रहेगा। साथ ही उन्होंने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान निगम की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
इंसेट
बैठक में यह प्रस्ताव किए गए पास
बैठक में 375 से ज्यादा मुद्दों पर चर्चा हुई और ज्यादातर प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास किए गए। इनमें कूड़े के डंपिंग पॉइंट कम करने, विकास कार्यों पर निगरानी के लिए वार्ड कमेटी गठित करने, कूड़ा फैलाने वालों पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी से लैस मोबाइल वैन शुरू करने, कूड़ा फैलाने वालों की सूचना देने वाले को पारितोषिक देने, घर-घर से कूड़ा उठाने का शुल्क प्रॉपर्टी टैक्स में जोड़ने का प्रस्ताव पारित किया। सब्जी मंडी से श्रीराम चौक, गांधी चौक से बस अड्डा तक की सड़क को लोक निर्माण विभाग से ट्रांसफर करवाकर मरम्मत करवाने, ओपन नालों में कचरे की समस्या को देखते हुए ओपन वालों में पाइप डालने, खाली सरकारी जमीनों के कब्जे छुड़वाकर चहारदीवारी करवाने के प्रस्ताव पारित किए गए।
इंसेट
इन मुद्दों पर भी बनी सहमति
बैठक में बड़वासनी नहर से रेवली रजबहा तक पानी पहुंचाने को सर्वे कराने, पार्कों में गिरे पत्तों से जैविक खाद तैयार की व्यवस्था करने, सीवर लाइनों की डिसिल्टिंग, पेयजल व्यवस्था सुधारने, बंदरों को पकड़ने और शहर के समग्र विकास को गति देने संबंधी प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई। पार्षदों के पतियों, ससुर या अन्य प्रतिनिधियों के प्रवेश को अनुमति नहीं दी गई। साथ ही बैठक के दौरान कई शहरवासी प्रॉपर्टी आईडी से जुड़ी समस्याओं को लेकर पहुंचे और विधायक निखिल मदान के समक्ष अपनी शिकायतें रखीं। नागरिकों ने प्रॉपर्टी आईडी में त्रुटियों और लंबित मामलों का शीघ्र समाधान करने की मांग की।