सोनीपत। मौसम में बदलाव के साथ जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या अचानक बढ़ने लगी है। अस्पताल में पांच फिजिशियन के पास इन दिनों बुखार, डायरिया, खांसी, अस्थमा व गले में दर्द के मरीज ज्यादा पहुंच रहे हैं। अस्पताल में रोजाना इस तरह के 400 से ज्यादा मरीज पहुंच रहे हैं। रोजाना सुबह 8 से दोपहर बाद 2 बजे तक ओपीडी के समय मरीजों का आना लगा रहता है। अस्पताल में ओपीडी 1400 तक पहुंच चुकी है। ऐसे में अस्पताल प्रबंधन की ओर से ओपीडी व वार्डों में फिजिशियन की ड्यूटी लगाई गई है। बारिश के दौरान मौसम में आए बदलाव से लगातार बढ़ रहीं बीमारियों को समय रहते नियंत्रित किया जा सके।
मौसम में आए बदलाव का सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। वातावरण में उमस बढ़ने से अस्पताल में मरीजों की संख्या में इजाफा होने लगा है। अस्पताल में चाहे दवा वितरण काउंटर हो या फिर डॉक्टर का कक्ष, सभी जगह भीड़ बढ़ने से मरीजों को इलाज कराने में परेशानी उठानी पड़ रही है। मौसम में बदलाव के साथ ही उल्टी-दस्त, डायरिया व पेटदर्द की बीमारी ने दस्तक दी है। चिकित्सकों की माने तो डायरिया एक जल जनित बीमारी है। बारिश के मौसम में उमस ज्यादा होती है। ऐसे में लोग अपनी प्यास बुझाने के लिए कहीं से भी खरीदकर पानी पीना शुरू कर देते हैं। इसके अलावा टैंकरों व सप्लाई का पानी भी कई बार खराब आ जाता है। इसलिए लोगों को इस मौसम में हमेशा साफ पानी या पानी को उबालकर ही पीना चाहिए।
बच्चे हो रहे ज्यादा बीमार
मौसम में आए बदलाव का असर सबसे ज्यादा बच्चों पर पड़ रहा है। बच्चों के बीमार होने अभिभावकों को परेशानी ज्यादा होती है। बच्चों को उल्टी-दस्त, बुखार, पेट में दर्द, श्वास रोग हो रहे हैं। ज्यादातर बच्चे उल्टी-दस्त के अलावा वायरल फीवर से भी परेशान हो रहे हैं। रोजाना 8-10 बच्चे जिला अस्पताल में गर्मी से होने वाली बीमारी से पीड़ित होकर पहुंच रहे हैं। इसके अलावा निजी अस्पतालों में भी मरीज उपचार करा रहे हैं।
कोरोना की तीसरी लहर आने की आशंका के चलते चिकित्सक अलर्ट
कोरोना की तीसरी लहर के आने की आशंका के चलते चिकित्सक अलर्ट हैं। ऐसे में अस्पताल में आने वाले मरीजों को कोरोना महामारी से बचने की सलाह दी जा रही है। बदलते मौसम में बीमारियां बढ़ गई हैं। ऐसे में अस्पताल परिसर में मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा। वहीं ओपीडी में ही वैक्सीन लगवाने के लिए स्वस्थ व्यक्ति भी पहुंच रहे हैं। अस्पताल में लगातार बढ़ रही है और लोगों को कोरोना से बचने के लिए मास्क व सैनिटाइजर का प्रयोग करने की सलाह दे रहे हैं। साथ ही सामाजिक दूरी का पालन करने की बात कही जा रही है, लेकिन अस्पताल में भीड़ बढ़ने के कारण सामाजिक दूरी की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
बदलते मौसम में स्वास्थ्य का रखें ध्यान
फिजिशियन डॉ. योगेश गोयल कहना है कि बदलते मौसम में बच्चों व बुजुर्गों के स्वास्थ्य का खास ख्याल रखने की जरूरत है। बच्चे दूषित पानी पीने के साथ अन्य चीज खा लेते हैं। साफ सफाई पर विशेष ध्यान देना चाहिए। वहीं बड़ों को भी गर्मी से बचाव के इंतजाम रखने चाहिए। जैसे ही उल्टी, सिरदर्द आदि के लक्षण दिखें, तुरंत डॉक्टर की सलाह की लेनी चाहिए। अस्थमा के मरीजों को धूल से बचाव करना चाहिए।
जिला अस्पताल में चिकित्सकों के 11 पद खाली
शहर के 200 बेड के नागरिक अस्पताल में चिकित्सक के 55 पद स्वीकृत हैं। इनमें पांच फिजिशियन समेत 44 पद भरे हुए हैं, जबकि यहां रोजाना की ओपीडी 1400 से ज्यादा पहुंच जाती है तो अब कोरोना के कारण डॉक्टरों को ज्यादा ड्यूटी करनी पड़ रही है। पिछले वर्ष सरकार ने नागरिक अस्पताल में 14 चिकित्सकों की नियुक्ति की थी।
वर्जन
मौसम बदलने के कारण अस्पताल में मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। ऐसे में मरीजों के उपचार के लिए ओपीडी व वार्डों में फिजिशियन की ड्यूटी लगा दी गई है।
- डॉ. संदीप लठवाल, उप चिकित्सा अधीक्षक जिला अस्पताल
जिला अस्पताल में उपचार कराने के लिए डॉक्टर के कमरे के बाहर खड़े मरीज- फोटो : Sonipat
जिला अस्पताल में काउंटर पर ओपीडी पर्ची बनवाने वालों की लगी भीड़- फोटो : Sonipat