सोनीपत। भ्रष्टाचार के आरोप लगा 370 पटवारियों की सूची जारी करने के विरोध में सोमवार को जिले के पटवारी लघु सचिवालय पहुंचे और धरना दिया। पटवारियों ने मुख्यमंत्री के नाम उपायुक्त को मांगपत्र सौंपा, जिसमें कहा कि अज्ञात एजेंसी की रिपोर्ट के आधार पर पटवारियों पर आरोप लगा उनके आत्म सम्मान को ठेस पहुंचाना गलत है। यह जांच न विभागीय है, न सरकारी। सरकार से मांग है कि वायरल सूची के आधार पर पटवारियों पर कार्रवाई न कर विभागीय जांच करवाई जाए। पटवारियों के हड़ताल पर जाने से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी।
राजस्व पटवारी एवं कानूनगो एसोसिएशन की जिला इकाई के प्रधान सन्नी दहिया ने बताया कि सरकार ने 16 जनवरी को अज्ञात एजेंसी की रिपोर्ट जारी की थी, जिसमें प्रदेश के 370 पटवारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए। इसमें सोनीपत के 41 पटवारियों के नाम भी शामिल हैं। किसी एजेंसी की रिपोर्ट पर पटवारियों को दोषी कहना गलत है। यह विभागीय प्रक्रिया व सिद्धांतों के खिलाफ है। पटवारियों ने प्रदेश सरकार को पत्र लिखकर कहा है कि विभागीय जांच के बिना किसी रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई न की जाए। चेताया-मामले में उचित कार्रवाई नहीं की गई तो बड़ा आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
वेतन विसंगतियों से जुड़े मामले उठाए
सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा की तरफ से एक अन्य पत्र में पटवारियों की वेतन विसंगतियों व एसीपी से जुड़े मामले भी उठाए। जिसमें कहा कि वर्ष 2016 से लंबित एसीपी प्रकरण को अब तक सुलझाया नहीं गया है। कई पटवारियों को एसीपी, एलटीसी व वेतन वृद्धि का लाभ नहीं मिल रहा है। यह देरी न उनकी वित्तीय समस्याओं को बढ़ा रही है। संघ ने इन समस्याओं को सुलझाने की मांग की है।
हड़ताल पर गए पटवारी, पटवारखाना पर लटका रहा ताला
गोहाना। पटवारियों के हडताल पर जाने से उपमंडल के पटवारखाने में कामकाज ठप रहा, जिससे लोगों को परेशानियां झेलनी पड़ी। पटवारखाने पहुंचे अनिल, प्रवीण, मनोज, देवेंद्र, बंटी, अकुंश कुमार, गुरनाम सिंह व अन्य का कहना है कि पटवारी नहीं मिलने से उन्हें बिना काम कराए ही वापस लौटना पड़ रहा है। सरकार को चाहिए कि मामले को हल करे। लोगों ने कहा कि पटवारी से इंतकाल कराने व नकल लेने के लिए कई बार चक्कर काट चुके हैं, लेकिन पटवारी नहीं मिल रहे। पटवारखाना में ताला लगा हुआ है। संवाद
पटवारियों ने काम बंद किया तो बढ़ी परेशानी
गन्नौर। पटवारियों ने सोमवार को अपने कार्यालय बंद रखे और सोनीपत लघु सचिवालय पहुंच कर अपना विरोध जताया। पटवारियों ने निर्णय लिया कि वह एसोसिएशन के निर्णय के अनुसार ही आगामी कदम उठाएंगे। पटवारियों के कार्यालय बंद रहने से लोग तहसील दफ्तर में भटकते दिखे। संवाद