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विधेयक के विरोध में आंदोलन में किसानों के साथ कांग्रेस, एमएसपी गारंटी कानून लाए सरकार : हुड्डा

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नई अनाज मंडी में बैठे पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा, विधायक और अन्य पदाधिकारी - फोटो : Sonipat
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सोनीपत। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि किसानों से कोई भी विधेयक एमएसपी का अधिकार छीनेगा तो कांग्रेस सड़क से लेकर सदन तक उसका विरोध करेगी। सरकार ने मंडी से बाहर खरीद को प्रोत्साहन देने के लिए विधेयक पास करा दिया, लेकिन उसमें किसी भी जगह एमएसपी पर खरीद का प्रावधान नहीं जोड़ा गया। जबकि भाजपा सरकार को अपने वादे के अनुसार स्वामीनाथन आयोग के सी 2 फार्मूले के तहत एमएसपी की गारंटी का प्रावधान जोड़ना चाहिए था। वे सोमवार को सोनीपत की नई अनाज मंडी में विधेयक के विरोध में धरने के दौरान संबोधित कर रहे थे।
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उन्होंने कहा कि कृषि के तीनों विधेयक एमएसपी और मंडी व्यवस्था पर सीधा हमला है। पूर्व सीएम ने साफ कहा कि सरकार को एमएसपी गारंटी कानून लाना चाहिए और ऐसा नहीं करने पर कांग्रेस पूरी तरह से विधेयक के विरोध में होने वाले आंदोलन में किसानों व आढ़तियों के साथ रहेगी। हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस के घोषणा पत्र व हुड्डा कमेटी की सिफारिशों के बारे में झूठ फैला रही है। जबकि सच यह है कि स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करने के लिए यूपीए सरकार में कई कदम उठाए गए।
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ओपी धनखड़ के बयान पर पूर्व सीएम ने कहा कि उनको कोई जानकारी नहीं है और उनको पहले हुड्डा कमेटी की रिपोर्ट पढ़नी चाहिए। हुड्डा कमेटी की रिपोर्ट की सिफारिशों और विधेयक में काफी अंतर है। हुड्डा कमेटी ने किसानों को सशक्त बनाने की कई सिफारिशें की थी। जबकि भाजपा सरकार ने नए कानूनों से किसानों को पूंजीपतियों के हवाले करने का मॉडल लागू किया है। उनकी कमेटी ने मंडी व्यवस्था को मजबूत करने की सिफारिश की थी और उनको काफी मजबूत भी किया गया। जबकि इस समय सरकार मंडियों को ही कमजोर करने की तरफ बढ़ रही है। हुड्डा के नेतृत्व वाली कमेटी की सिफारिश पर पूरे देश में किसानों के लोन पर ब्याज दर को 11 प्रतिशत से कम करके 4 प्रतिशत किया गया। इसके साथ ही हरियाणा में फसली लोन को जीरो प्रतिशत कर दिया गया था। यूपीए कार्यकाल के दौरान फसलों की एमएसपी में रिकार्ड बढ़ोतरी करने का दावा पूर्व सीएम ने किया। उन्होंने कहा कि इस सरकार में किसान को एमएसपी भी नहीं मिल रही और धान की फसल भी मंडियों में पिट रही है। पूर्व सीएम हुड्डा समेत विधायकों, पूर्व सांसद और अन्य नेताओं ने ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए और राष्ट्रपति के नाम वह ज्ञापन विधायकों ने लघु सचिवालय में जाकर तहसीलदार को सौंपा।
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पूर्व सीएम बोले- मंडियों में जाकर देखें दुष्यंत, एमएसपी नहीं मिलने पर इस्तीफा दें
पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा ने कहा कि डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने एमएसपी नहीं मिलने पर इस्तीफा देने की बात कही है। कहा कि इसके लिए उनको मंडियों में जाकर देखना पड़ेगा। आज भी धान, बाजरा, कपास, मूंग और मक्का जैसी फसलें एमएसपी से बेहद कम रेट पर बिक रही हैं। भाजपा नेता खुद कहते हैं कि किसानों को उचित दाम नहीं मिल रहे हैं। वहीं विधेयक में मंडी के बाहर एमएसपी का कोई प्रावधान ही नहीं है। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद सत्ता के नशे में डूबे नेताओं को लगता है कि अबतक एमएसपी पर आंच ही नहीं आई। पूर्व सीएम ने साफ कर दिया कि सरकार एमएसपी को लेकर मौखिक खानापूर्ति करने की जगह एमएसपी गारंटी कानून लाकर किसानों को लिखित में आश्वासन दे। इसके लिए विधानसभा में अलग से बिल लाया जाए। कांग्रेस ने राज्यपाल से विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की मांग की है। सभी दलों को एक सुर में इन बिलों के खिलाफ सदन में अपनी आवाज उठानी चाहिए और इसे हरियाणा में लागू नहीं होने दिया जाएगा।
यह नेता रहे मौजूद
पूर्व सांसद धर्मपाल मलिक, विधायक सुरेंद्र पंवार, विधायक जयवीर वाल्मीकि, पूर्व विधायक जयतीर्थ दहिया, पूर्व विधायक देवराज दीवान, जसपाल आंतिल खेवड़ा, पूर्व विधायक सुखबीर फरमाना, सुरेन्द्र दहिया, अशोक सारोहा, प्रदीप सांगवान, निखिल मदान, अशोक छाबड़ा, जितेंद्र हुड्डा, कर्नल रोहित मोर, कुलदीप गंगाना, कमल हसीजा, मनोज रिढ़ाऊ, सुरेश भारद्वाज, अनाज मंडी के प्रधान पवन गोयल, राकेश बंसल, पवन बंसल, अजय गोयल, परवीन गोयल, बिल्लू गर्ग, प्रेम गुप्ता, भारत भूषण, अमित आर्य, सतबीर निर्माण, राजेश दहिया, कंवर खत्री, सुनील कटारिया, कुलदीप वत्स, शीला आंतिल, निर्मला पांचाल, सीमा शर्मा, मंजू मलिक, पायल गुप्ता, अनिल गौड़ आदि मौजूद रहे।

सोनीपत की नई अनाज मंडी में धरने के दौरान संबोधित करते पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा- फोटो : Sonipat

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