सोनीपत। सोनीपत में पड़ रही कड़ाके की ठंड ने नया रिकॉर्ड बना दिया है। बुधवार को जिले में न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड 0.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो न केवल इस मौसम बल्कि अब तक का सबसे कम तापमान है। प्रदेशभर में जिला सबसे ठंडा रहा। मौसम विशेषज्ञ भी इस बात से हैरान हैं कि सोनीपत जैसे मैदानी इलाके में पारा शून्य के बेहद करीब पहुंच गया है।
कड़ाके की ठंड, घना कोहरा और शीतलहर ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया जबकि दिन में निकली धूप भी राहत देने में नाकाम रही। बुधवार तड़के साढ़े पांच बजे के आसपास कोहरा छाया। इससे दृश्यता कम होने से नेशनल हाईवे सहित अन्य मार्गों पर वाहनों की रफ्तार थम गई।
दिन में भी नहीं मिली राहत
शहर में करीब 11 बजे सूर्य के दर्शन हुए लेकिन ठंडी और बर्फीली हवा ने धूप के असर को बेअसर कर दिया। दिनभर करीब छह किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से सर्द हवा चलती। लोग ऊनी कपड़ों में लिपटे नजर आए। बाजारों व सार्वजनिक स्थानों पर अलाव तापते दिखे।
अधिकतम तापमान भी गिरा
मौसम विभाग के अनुसार सरगथल क्षेत्र में न्यूनतम तापमान 0.4 डिग्री और अधिकतम तापमान मात्र 12.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। विशेषज्ञ के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ और उत्तर-पश्चिमी हवा के कारण तापमान में असामान्य गिरावट दर्ज की जा रही है। बुधवार को सोनीपत का वायु गुणवत्ता सूचकांक 154 दर्ज किया गया जो मध्यम श्रेणी में रहा।
स्वास्थ्य व फसलों पर असर
शीतलहर का असर बच्चों, बुजुर्गों और रोगियों पर अधिक देखने को मिल रहा है। अस्पतालों में सर्दी, खांसी और सांस के मरीज बढ़े हैं। वहीं खेतों में पाले की आशंका से किसान चिंतित हैं। गेहूं को जहां फायदा माना जा रहा है, वहीं सब्जी और सरसों की फसलों पर नुकसान का खतरा मंडरा रहा है।
मैदानी इलाके में न्यूनतम तापमान 0.4 डिग्री दर्ज किया जाना हैरान करता है। पांच साल पहले न्यूनतम तापमान 1 डिग्री तक गिर गया था लेकिन बुधवार को यह इससे भी कम दर्ज किया गया। 16 जनवरी के बाद मौसम में बदलाव आएगा। 20 से 23 जनवरी के बीच एक मध्यम श्रेणी का पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा जिसके प्रभाव से बारिश के आसार बन सकते हैं। -डॉ. प्रेमदीप, मौसम विशेषज्ञ, केवीके, जगदीशपुर।