सोनीपत। शहर की सफाई का टेंडर रविवार को समाप्त हो गया है। सफाई व्यवस्था प्रभावित न हो इसके लिए नगर निगम ने अस्थायी तौर पर चार महीने के लिए शार्ट टर्म टेंडर आमंत्रित किए हैं जो इसी सप्ताह खोले जाएंगे। टेंडर की नियम-शर्तें पूरी करने वाली एजेंसी को टेंडर आवंटित किया जाएगा।
जब तक पुरानी एजेंसी को ही सफाई करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि सफाई व्यवस्था प्रभावित न हो। वहीं नए सिरे से सफाई व्यवस्था के लिए निगम ने प्लान तैयार किया है। शहर में 9 मीटर या इससे अधिक चौड़े रोड की सफाई स्वीपिंग मशीन से कराई जाएगी। निगम में मशीन की संख्या एक से बढ़कर तीन हो गई हैं।
शहर के सात वार्डों में सफाई का कार्य अपने कर्मचारियों से कराएगा। फिलहाल चार महीने के लिए शार्ट टर्म टेंडर लगाया गया है जिस पर हर महीने करीब 90 लाख रुपये खर्च होंगे। नगर निगम की जना है कि शहर के नालों की जगह पाइप डाले जाने हैं। इससे नाले बंद हो जाएंगे। केवल कुछ-कुछ दूरी पर बनाए जाने वाले प्वाइंट की सफाई कराई जाएगी। इससे नाले की सफाई पर होने वाला खर्च बहुत कम हो जाएगा। नगर निगम में करीब 304 सफाई कर्मचारी कार्यरत हैं। इन कर्मचारियों को सात वार्डों में लगाएगा।
नई व्यवस्था पर पार्षद ने उठाए सवाल :
वार्ड-14 से 20 तक की सफाई व्यवस्था नगर निगम के कर्मचारी संभालेंगे। निगम पार्षद मोनिका नागर ने सवाल उठाए हैं। मोनिका का कहना है कि लाइन पार का एरिया पिछड़ा हुआ है। यहां पर खुले नाले और कच्ची गलियां हैं। ऐसे जिस व्यवस्था को 900 कर्मचारी भी नहीं संभाल पा रहे थे, उस व्यवस्था को नगर निगम के 300 कर्मचारी कैसे संभाल पाएंगे। उन्हों निगम आयुक्त हर्षित कुमार को शिकायत भी भेजी है।
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सफाई का टेंडर 31 अगस्त को समाप्त हो गया। एजेंसी को नई व्यवस्था लागू न होने तक सफाई जारी रखने को कहा गया है। सफाई व्यवस्था प्रभावित नहीं होगी।
सतेंद्र दहिया, मुख्य सफाई निरीक्षक, नगर निगम